द फॉलोअप डेस्क
नीतीश सरकार बिहार में खराब सड़कें बनाने वाले ठेकेदारों के लिए एक नई नियमावली लाने जा रही है। बताते चलें कि बिहार में पथ निर्माण विभाग, सड़क निर्माण संवेदकों के लिए नई नियमावली 2026 लाने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इसमें 50 करोड़ से अधिक की निविदाओं के लिए श्रेणी-1 नामक नई श्रेणी शामिल होगी। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने पर आर्थिक दंड और ब्लैकलिस्टिंग के प्रावधान भी स्पष्ट किए जाएंगे। साथ ही, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल को भी बिडिंग डॉक्यूमेंट में जोड़ा जा रहा है, जिसमें कंपनी द्वारा 70% और सरकार द्वारा 30% निवेश किया जाएगा। जानकारी है कि नीतीश सरकार की यह नई नियमावली अगले वित्तीय वर्ष में लागू हो जाएगी।
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नयी नियमावली में इस बात को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा कि निर्माण कंपनी पर किस लापरवाही के लिए किस तरह का आर्थिक दंड लगेगा। बताते चलें कि वर्तमान मे संवेदकों के रजिस्ट्रेशन बिहार ठेकेदारी निबंधन नियमावली 2007 के तहत होता है। इसके स्थान पर बिहार संवेदक निबंधन नियमावली 2026 लाया जा रहा। वहीं, 2026 का नई नियमावली का संलेख फिलहाल प्रक्रियाधीन है। हालांकि, श्रेणी-1 के तहत निबंधन कराने वाले संवेदक 50 करोड़ या फिर से अधिक की निविदा मे भाग ले सकेंगे।

वहीं, जो नियमावली वर्तमान में है, उसमें इस श्रेणी को शामिल नहीं किया गया था है। जिसके कारण इस बात का स्पष्ट नहीं है कि लापरवाही बरतने पर आर्थिक दंड और ब्लैकलिस्टिंग के क्या प्रावधान रहेगा। बहरहाल, बिहार कैबिनेट ने इस मॉडल पर सड़क निर्माण की योजना को क्रियान्वित किए जाने को लेकर अक्टूबर 2025 में ही अपनी अनुमति प्रदान की थी। इसके तहत जरूरत के हिसाब से विशेष शर्तों को निविदा में जोड़ा जाएगा।