पटना
बिहार में नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक कैरियर में बड़े और साहसिक फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। इस दौरान उन्होंने कई अहम फैसले लिए जो राज्य ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना। उनका सबसे बड़ा और चर्चित फैसला राज्य में शराबबंदी कानून लागू करना था। गौरतलब हो कि 9 जुलाई 2015 को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में नीतीश कुमार ने जीविका दीदीयों की मांग पर शराबबंदी लागू करने का वादा किया था। उसके बाद 5 अप्रैल 2016 से राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी। राज्य में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए उन्होंने सख्त कानून बनाने के साथ-साथ जन-जागरूकता अभियान भी चलाया। बता दें कि 21 जनवरी 2017 को राज्य में 12 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई, जिसमें करीब 5 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया।

महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण
नीतीश कुमार ने नवंबर 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला। अपने शुरुआती कार्यकाल में ही उन्होंने त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं, नगर निकायों और प्राथमिक शिक्षक नियुक्तियों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हुआ। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने कई अहम फैसले लिए, जिन्हें अन्य राज्यों और केंद्र सरकार ने भी अपनाया।

‘जल जीवन हरियाली’ अभियान
अगस्त 2019 में जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान शुरू किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली। उसके बाद उन्होंने साल 2023 में राज्य में जाति आधारित आर्थिक सर्वेक्षण कराया। इसके तहत 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान कर उनके विकास के लिए विशेष योजनाएं बनाई गईं। बिजली के क्षेत्र में भी उन्होंने बड़ा बदलाव किया। पहले सभी गांवों तक बिजली पहुंचाई गई और फिर ‘हर घर बिजली’ का लक्ष्य तय किया गया, जिसे 2018 तक पूरा कर लिया गया। बहरहाल इस योजना को बाद में केंद्र सरकार ने भी अपनाया।