बिहार :
कहते हैं कि जब प्यार की परवानगी चढ़ती है तब लोग अंधे हो जाते हैं। प्यार में क्या सही है और क्या गलत, इन सब बातों पर ध्यान नहीं जाता है। प्रेमी-प्रेमिका के लिए फिर दूरी, डर और दुनिया की बंदिशें सब छोटी लगने लगती हैं। कुछ ऐसा ही दिलचस्प किस्सा बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आया है, जहां इश्क की खातिर एक युवती ने घर से भागकर 1900 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया और अपने प्रेमी से शादी रचा ली। युवती ने 32 घंटे की रेल यात्रा की उसके बाद जब वह मुजफ्फरपुर पहुंची, तो सीधे प्रेमी के साथ मंदिर पहुंचकर सात फेरे ली। और अपने रिश्ते को एक नया नाम दिया। मुहब्बत की यह दास्तां उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की फिजाओं से शुरू होकर बिहार के मुजफ्फरपुर की गलियों में परवान चढ़ी। यह कहानी है आकांक्षा और राजीव की, जिन्होंने ये साबित कर दिया कि जब रूहों का मेल हो जाए, तो सरहदें और फासलें महज़ कागजी लकीरें बनकर रह जाते हैं।

दरअसल, इन दोनों की मुलाकात मायानगरी मुंबई में हुई थी। दोनों एक प्राइवेट कंपनी में साथ काम करते थे। इस दौरान कब मॉर्निंग-इवनिंग और हॉय-हैलो का सिलसिला मुहब्बत में तब्दील हो गया, इसका इल्म शायद उन्हें भी खुद नहीं था। साथ में आठ महीने काम करने के बाद होली की छुट्टियों में जब राजीव मुजफ्फरपुर आया, तो सिर्फ मोबाइल ही उनका सहारा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आकांक्षा की बहन ने उसे फोन पर बात करते हुए पकड़ लिया और गुस्से में उसका मोबाइल तोड़ दिया। आकांक्षा के लिए यह महज़ एक मोबाइल का टूटना नहीं था, बल्कि सब्र का बांध टूटना जैसा था। उसने तय कर लिया कि अब यह लुका-छिपी का खेल को खत्म करना है और इस रिश्ते को शादी मुकाम तक ले जाना है। और फिर क्या था बिना किसी को बताए आकांक्षा ने मुंबई से मुजफ्फरपुर के लिए पवन एक्सप्रेस पकड़ी। और करीब 1900 किलोमीटर का यह लंबा सफर तय कर अपनी शादी रचाई। इसमें खास बात यह रही कि राजीव के घरवालों ने भी इस रिश्ते पर अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी और नई बहू का बड़े ही प्यार से स्वागत किया।