logo

"सम्राट चौधरी चीफ नहीं चीप मिनिस्टर" : तेजस्वी बोले- घृणा की राजनीति छोड़ बिहार संभालें, मीसा भारती दी ये नसीहत

a3017.jpg

द फॉलोअप डेस्क:

लालू परिवार के सदस्यों को आवास और सुरक्षा के मुद्दे पर बिहार की सियासत गरमाई हुई है। सम्राट सरकार के एक्शन पर लालू परिवार का रियेक्शन सियासी गलियारों से लेकर मीडिया के न्यूज रूम तक सुर्खियां बटोर रहा है।  नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चीप मिनिस्टर बता दिया तो वहीं मीसा भारती ने कहा कि बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार हमें सिखा रही है कि जब सत्ता मिली हो तो विपक्ष के साथ कैसा सलूक किया जाता है।

 

आवास खाली नहीं करने पर अड़ी थीं राबड़ी देवी
शुरुआत में राबड़ी देवी सरकार के नोटिस पर आवास नहीं खाली करने पर अड़ गई थीं, लेकिन अब तेजस्वी यादव  और मीसा भारती ने साफ कर दिया है कि उन्हें सरकारी आवास और सुरक्षा की जरूरत नहीं है। तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कह दिया है कि उनको और उनके परिवार के सदस्यों को मिला सरकारी आवास और सुरक्षा दरअसल, सम्राट सरकार का एहसान नहीं बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। बावजूद इसके यदि सरकार की प्राथमिकता हमारी सुरक्षा कम करके हमसे आवास खाली कराना है तो हमें भी इसकी आवश्यक्ता नहीं है।  

लालू यादव ने बताया था सत्ता का पागलपन
गौरतलब है कि इससे पहले लालू प्रसाद यादव ने उक्त कार्रवाई को सत्ता का पागलपन करार देते हुए इसे घृणा की राजनीति बताया था। वहीं, मीसा भारती ने कहा था कि उनका परिवार एक हफ्ते के भीतर सरकारी आवास खाली कर देगा। यह बयान ऐसे वक्त में  सामने आए हैं, जब सरकार ने राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस जारी किया है। 

सम्राट चौधरी ने आवास सुरक्षा पर क्या कहा!
दरअसल, पिछले दिनों एक सार्वजनिक सभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि सरकारी आवास किसी की बपौती नहीं है और इसे खाली करना ही होगा। उन्होंने कहा था कि मां और बेटे को अलग-अलग आवास नहीं दिया जा सकता। तेजस्वी यादव ने अब इस बात का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष हूं, इसलिए मुझे आवास और सुरक्षा मिली है, जबकि मां राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विधायक दल होने के नाते आवास मिला है। यही संवैधानिक प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष के अयोग्य लोगों को भी सरकारी बंगला मिला हुआ है। रेवड़ियों की तरह सुरक्षा बांटी जा रही है। सरकार को बताना चाहिए कि सत्तापक्ष के कितने लोगों को कहां-कहां और कितना आवास मिला हुआ है। 

मीसा भारती ने कहा था कि लालू परिवार बिहार की जनता के दिलों में बसता है, इसलिए हमें सरकारी आवास की आवश्यक्ता नहीं है। उन्होंने कहा था कि शायद सरकार को हमारी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों की जरूरत होगी, इसलिए वापस बुला लिया है। मीसा भारती ने कहा था कि सरकार ने मुझे 3 अंगरक्षक दिए हैं जिन्हें मैं स्वेच्छा से लौटाने जा रही हूं। 

लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा घटाई गई
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने लालू यादव और राबड़ी देवी के अलावा तेजप्रताप यादव की सुरक्षा भी घटा दी। दरअसल, लालू यादव और राबड़ी देवी को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जबकि बिहार विधानसभा चुनाव  के समय तेजप्रताप यादव को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली थी। सरकार ने इसमें कटौती की है। इस कदम से नाराज राबड़ी देवी ने अपने सरकारी आवास से तमाम सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया था, और उनकी जगह आरजेडी के कार्यकर्ता डंडा लेकर तैनात हो गए थे। कार्यकर्ताओं ने कहा था कि आवश्यक्ता पड़ी तो बिहार भर से आरजेडी के कार्यकर्ता सैकडों की संख्या में पटना आकर लालू यादव और राबडी देवी के आवास के बाहर बारी-बारी से सुरक्षा देंगे। 

सम्राट चौधरी चीफ नहीं चीप मिनिस्टर हैं!
मंगलवार को जब तेजस्वी यादव से इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी चीफ नहीं बल्कि चीप मिनिस्टर हैं। वह सस्ती, नकारात्मक और घटिया राजनीति कर रहे हैं। यह घृणा की राजनीति है। महंगाई चरम पर है। पेपर लीक ने लाखों छात्रों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं  है। पटना में रोज गोलियां  चलती हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता हमारा आवास और हमारी सुरक्षा में कटौती है तो ठीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि अपराधियों को लटका दिया जायेगा। यदि ऐसा है तो सृजन घोटाला और बालिका गृहकांड के दोषियों को क्यों नहीं लटकाते। 

बिहार में सम्राट सरकार और लालू परिवार के बीच सुरक्षा और आवास को लेकर जारी अघोषित जंग का पटाक्षेप होता नहीं नजर आता। बयानबाजियों का सिलसिला जारी है। सरकार के नोटिस वाले एक्शन के रिएक्शन में लालू परिवार का तीखा पलटवार जारी है। देखना होगा कि यह  सिलसिला कहां जाकर थमता है। 

Tags - Tejaswi YadavSamrat ChoudharyBihar BJPRJDLalu Yadav