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Patna : बिहार में मुखियाओं की हत्या को लेकर सरकार गंभीर, मुहैया कराएगी सुरक्षा

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पटना: 

बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हाल ही में संपन्न हुआ है। चुनाव बाद कई मुखिया और उपमुखिया की हत्या हो चुकी है। ऐसे में बिहार सरकार जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। इस दिशा में सरकार जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ कदम उठाने जा रही है। राज्य के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी है कि गृह विभाग की तरफ से 13 बिंदुओं पर निर्देश जारी किया गया है। 

जनप्रतिनिधि हत्या मामले में SIT का गठन
सम्राट चौधरी ने कहा कि मुखिया की हत्या मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। लगातार कार्रवाई जारी है। मंत्री ने कहा कि इन सभी मामलों में 3 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करना होगा। कहा कि रिपोर्ट के आदार पर स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा। 3 महीने में सजा दिलाई जाएगी। मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायतों के मुखिया जिला में बने सुरक्षा समिति में अपनी बात या समस्या रख सकते हैं। यदि जरूरत महसूस हुई तो उनको सुरक्षाकर्मी मुहैया करवाया जायेगा। 

दरोगा लेवल का अधिकारी नहीं करेगा जांच
पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पंचायत के जनप्रतिनिधियों की हत्या की जांच दरोगा लेबल का अधिकारी नहीं करेगा। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें डीएसपी लेवल के अधिकारी होंगे औऱ वही मामले की जांच करेंगे। जो भी अधिकारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं उनको 3 माह के अंदर जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी। स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलवानी होगी। गौरतलब है कि पटना के नीरज मुखिया की हत्या मामले में 1 और गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 

किस मामले में कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं
सम्राट चौधरी ने बताया कि वार्ड सदस्य संजय वर्मा हत्या मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जमुई में हुई मुखिया की हत्या मामले में 9 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बाढ़ में रंजन उर्फ गोरेखान मुखिया की हत्या मामले में 3 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। अन्य फरार आरोपियों के बारे में मंत्री ने कहा कि कुछ लोग घर छोड़कर भाग गये हैं। उनकी तलाश की जा रही है।