द फॉलोअप डेस्क
जेजेडी के सुप्रीमो तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर रोहिणी आचार्या ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर 'सम्राट सरकार की तानाशाही' करार दिया। कहा कि पुलिस द्वारा तथ्यहीन और झूठे आरोपों के आधार पर की गई यह गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का सरेआम हनन है। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री सम्राट खुद सात लोगों की हत्या करके बैठे हैं। छात्रों के हित में आवाज उठाने वाले बेगुनाहों की गिरफ्तारी कर आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी सम्राट सरकार की तानाशाही ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) July 26, 2026
बिहार के मुख्यमंत्री से पूछता है बिहार.. क्या शिक्षा - व्यवस्था को सुधारने की मांग के साथ जारी छात्रों - युवाओं के आंदोलन , प्रदर्शन को समर्थन देना अपराध है ?
सम्राट सरकार की पुलिस के द्वारा तथ्यहीन व् झूठे आरोपों में… pic.twitter.com/PykiaOMvPg
जन-आंदोलनों को कमजोर करने की एक दमनकारी साजिश
रोहिणी ने इस पूरी कार्रवाई को सरकार के खिलाफ बढ़ रहे जन-असंतोष को दबाने और जन-आंदोलनों को कमजोर करने की एक दमनकारी साजिश का हिस्सा बताया। रोहिणी ने सम्राट सरकार से सवाल पूछते हुए लिखा कि क्या राज्य की चरमराती शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन का समर्थन करना कोई अपराध है? उन्होंने कहा कि युवाओं और जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाना हर भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार और दायित्व है। सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है और अपने विरोधियों को डराने के लिए प्रशासन और पुलिस बल का खुल्लम-खुल्ला दुरुपयोग कर रही है।

न्याय प्रणाली और सत्ता के रवैये पर तीखा प्रहार
रोहिणी ने राज्य की मौजूदा व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह कैसा न्याय और चलन है जहां गंभीर आरोपों से घिरे लोग सत्ता की कुर्सी पर बैठ जाते हैं, जबकि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने वाले बेगुनाह लोगों को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति बताया।