द फॉलोअप:
पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के बाद से लगातार देश भर से गाड़ियों में मशीनी खराबी के मामले सामने आ रहे हैं। वाहन चालकों में इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है। इसी बीच राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने एनडीए सरकार के एथेनॉल नीति पर सवाल खड़ा करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। रोहिणी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल नीति से जनता में रोष है, लेकिन मोदी सरकार इस मसले पर जवाबदेही से बच और कतरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है मोदी सरकार ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) July 6, 2026
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वजह से देश भर से गाड़ियों में मशीनी खराबी आने की शिकायतें सामने आ रहीं हैं , आम जनता के बीच रोष कायम होता दिख रहा है , बावजूद इसके इस मसले पर जवाबदेही से बच एवं कतरा रही है मोदी… pic.twitter.com/KsWiRZwAWA
वाहनों की अनुकूलता और नीति पर उठाए सवाल
रोहिणी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कई वाहन निर्माता एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, तो बिना पर्याप्त तैयारी और जांच के इस नीति को लागू क्यों किया गया। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने एथेनॉल मिश्रण से पहले सभी वाहनों की अनुकूलता सुनिश्चित की थी। क्या आम जनता को इस फैसले पर भरोसे में लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित के नाम पर ऐसी नीति का नुकसान आखिर जनता क्यों उठाए।

पेट्रोल नीति में पारदर्शिता जरूरी
रोहिणी ने कहा कि कोई भी नीति तभी सफल होती है, जब वह जनता का विश्वास जीत सके। साथ ही उसका निर्धारण व्यापक विमर्श और पारदर्शिता के आधार पर हो। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने जल्दबाजी में एकतरफा निर्णय लिया और ईंधन नीति पर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती। रोहिणी ने मांग की कि केंद्र सरकार एथेनॉल नीति से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक करे। इसके साथ ही जनता द्वारा उठाये गए सवालों का तार्किक और तथ्यात्मक जवाब दे।