द फॉलोअप,बिहार
राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े कथित चोरी के मामले में दर्ज एफआईआर को लेकर राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने भाजपा सरकार और मंदिर प्रबंधन पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक पेपर कटिंग पोस्ट करते हुए रोहिणी ने लिखा कि एफआईआर में छोटे कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, लेकिन मंदिर प्रबंधन से जुड़े बड़े नामों को कानूनी दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने इसे "आईवॉश" बताते हुए निष्पक्ष जांच पर सवाल उठाए।
प्रभु श्रीराम के नाम पर लूट मचाने वाले बड़े लूटेरों को दे दी गयी छूट ?
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 26, 2026
हैरानी की बात है राम मंदिर , अयोध्या के चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर तो दर्ज की गयी , मगर बड़े नामों, जिन पर मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी है , उनका नाम एफआईआर में नहीं डाला गया , क्या जाँच व् न्याय की… pic.twitter.com/yZb6jw5Vgl
एफआईआर में मंदिर प्रबंधक का नाम क्यों नहीं है?
रोहिणी ने कहा कि जिन लोगों के हाथों में मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी उनका नाम एफआईआर में क्यों नहीं है। क्या जांच और न्याय की सीढ़ियां ऊपर तक नहीं जाती। इसे लेकर रोहिणी ने एफआईआर को आई-वॉश करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से चंपत राय और अन्य ट्रस्टियों का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि यदि प्रबंधन की जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर है, तो एफआईआर में उनके नाम क्यों नहीं हैं। बड़े नामों का शामिल न होना संयोग नहीं बल्कि उन्हें बचाने की रणनीति प्रतीत होती है।

सरकार पर मामले की लीपापोती करने का आरोप
रोहिणी ने आगे लिखा कि करोड़ों रामभक्त यह जानना चाहते हैं कि जिम्मेदारी जहां है, जवाबदेही भी वहीं से क्यों शुरू नहीं होती। उन्होंने भाजपा सरकार पर मामले की लीपापोती करने का आरोप लगाया और कहा कि एफआईआर में नाम नहीं होना किसी के निर्दोष होने का प्रमाण नहीं है। उन्होंने दावा किया कि देर-सबेर मामले के वास्तविक दोषियों का खुलासा होकर रहेगा।