पटना:
बिहार में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से मौत मामले को लेकर आरजेडी विधायकों ने हंगामा किया। बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों ने पटना में विधानसभा के बाहर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। आरजेडी विधायकों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिसमें शराबबंदी कानून को लेकर सवाल खड़ा किया गया था।
आरजेडी ने विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन
राष्ट्रीय जनता दल के विधायकों ने जो तख्तियां ले रखी थीं जिसमें लिखा था कि शराबबंदी है तो मौत का तांडव क्यों। एक अन्य तख्ती में लिखा था कि शराबबंदी तो बहाना है। उद्देश्य नाजायज उगाही करना है। इस दौरान आरजेडी विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि सरकार को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। कई लोगों को मौत हो चुकी है। ये किस प्रकार की शराबबंदी है।
Bihar | RJD MLAs stage a protest against state govt outside State Assembly in Patna, over deaths allegedly due to consumption of illicit liquor in the state.
— ANI (@ANI) March 23, 2022
Govt is not able to see anything. Several people have died. What type of liquor ban it is?: RJD MLA Mukesh Raushan pic.twitter.com/KRQFk9kPK5
नीतीश कुमार की लगातार हो रही है आलोचना
गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार आलोचना का सामना कर रहे हैं। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट भी इसके औचित्य और क्रियान्वयन पर सवाल उठा चुका है। होली के दौरान बांका, मधेपुरा और भागलपुर में कुल 37 लोगों के मौत की खबर सामने आई। सबमें एक जैसे ही लक्षण थे। हालांकि, इन जिलों के जिलाधिकारियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में बीमारियों और हार्ट अटैक से मौत की बात कही, जिसपर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।

शराबबंदी के वादे के साथ सत्ता में आये थे नीतीश
बता दें कि नीतीश कुमार शराबबंदी कानून के वादे के साथ सत्ता में आये थे। कहते हैं कि नीतीश कुमार को इस मामले में महिलाओं का पुरजोर समर्थन मिला। बिहार में शराब पर पूरी तरह पाबंदी है लेकिन विपक्ष सहित कई लोगों का मानना है कि इस कानून ने बिहार में अवैध शराब का कारोबार को बढ़ावा दिया। इससे उपजे अपराध को भी बल मिला। अक्सर किसी ना किसी जिले से जहरीली शराब के सेवन से मौत की खबर सामने आती ही रहती है।