पटना/बिहार
बिहार की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करीब चार साल बाद हुई मुलाकात ने नए सियासी कयासों को जन्म दे दिया है। मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने इसे भावुक क्षण बताया औऱ कहा कि जिनके साथ दशकों तक काम किया हो, उनसे लंबे समय बाद मिलना स्वाभाविक रूप से खास होता है। उन्होंने नीतीश कुमार से मिलकर अपनी खुशी जाहिर की और इस मुलाकात को सकारात्मक बताया।
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JDU में वापसी पर सीधे जवाब से बचे, लेकिन दिए बड़े संकेत
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने JDU में संभावित वापसी के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन कहा कि वह आज भी नीतीश कुमार को अपना नेता मानते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी और नीतीश कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि और सोच एक जैसी रही है। आरसीपी सिंह ने यह भी कहा कि लोग मानते हैं कि यदि वे साथ रहें तो संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने दावा किया कि आज भी क्षेत्र में जाने पर सबसे अधिक मुलाकात JDU के कार्यकर्ताओं से होती है और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से उनके लगातार संपर्क बने हुए हैं।

जेडीयू में रहते हुए संगठन को मजबूत किया
आरसीपी सिंह ने कहा कि उनका स्वभाव सभी को साथ लेकर चलने का है। आगे कहा कि उन्होंने कभी किसी के खिलाफ राजनीति नहीं की। इस दौरान उन्होंने याद दिलाया कि JDU में रहते हुए उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का काम किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं। वह हमेशा लोगों को जोड़ने की राजनीति में विश्वास रखते हैं। आरसीपी सिंह के इन बयानों के बाद बिहार की सियासत में उनकी संभावित वापसी और JDU के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।