पटना/बिहार
राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास से सुरक्षा लौटाने के बाद से राजद के कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडा पकड़कर गेट पर मोर्चा संभालते दिख रहे हैं। मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव खुद आवास के बाहर कुर्सी लगाकर बैठे दिख रहे हैं। लालू-राबड़ी परिवार की सुरक्षा घटाने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। शनिवार को राबड़ी दवी ने पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड सरकारी आवास से सुरक्षा लौटा दी। वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी फैसला लेते हुए अपनी सुरक्षा को वापस कर दी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने उठाया सवाल
यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। राजद नेताओं का कहना है कि अब पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक ही लालू परिवार का सुरक्षा कवच बनेंगे। राजद विधायक शक्ति सिंह यादव ने राबड़ी देवी द्वारा सुरक्षा लौटाने के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने सम्राट सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार लालू परिवार को कभी सरकारी आवास तो कभी सुरक्षा के मुद्दे पर अपमानित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राजद कार्यकर्ता इस कथित साजिश का पर्दाफाश करेंगे और लालू प्रसाद यादव की विचारधारा से जुड़े लोग सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राजद का समर्थन किया है। कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है तो विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती क्यों की गई।

मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं
दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के आधार पर सभी को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। वहीं जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार से इतनी नाराजगी है तो केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सरकारी बंगला और अन्य सुविधाएं भी लौटा देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद सुरक्षा व्यवस्था पर राजनीति कर रही है, जबकि सुरक्षाकर्मी अपना दायित्व निभा रहे थे। बंगला खाली करने के नोटिस और सुरक्षा श्रेणी में बदलाव से शुरू हुआ यह विवाद अब बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ जहां राजद इसे सम्मान और सुरक्षा से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है। तो वहीं एनडीए दल इसे राजनीतिक नाटक बताकर विपक्ष को घेरने में जुटे हैं।