पटना
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना पुलिस और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, कई स्थानीय लोगों को बाहरी बताकर हिरासत में लिया गया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले के साक्ष्य चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं और जल्द ही दिल्ली जाकर आयोग के समक्ष विस्तृत शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी।
50 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का दावा
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना था कि ये सभी बाहरी लोग हैं और चुनावी गतिविधियों में शामिल थे, जबकि इनमें से कई पटना के ही निवासी निकले। उन्होंने दावा किया कि 18 से अधिक स्थानीय लोगों को भी बाहरी बताकर उठाया गया और बाद में बिना कोई स्पष्ट कारण बताए छोड़ दिया गया।
एसएसपी पर लगाए गंभीर आरोप
प्रशांत किशोर ने पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका व्यवहार पूरी तरह गैर-पेशेवर रहा। उन्होंने कहा, "अगर एसएसपी को राजनीति करनी है तो वर्दी छोड़कर राजनीति में आ जाएं।" उनका आरोप है कि चुनाव के दिन उन्होंने कई बार एसएसपी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन एक बार भी कॉल रिसीव नहीं किया गया। वहीं, पटना के डीएम कुंदन कुमार और चुनाव पर्यवेक्षक ने हर बार फोन उठाकर बातचीत की। प्रेस वार्ता में मौजूद कई स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। नवल जी ने आरोप लगाया कि आधी रात को पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें जबरन थाने ले गई। उनका कहना है कि मतदान शुरू होने से ठीक पहले तक उन्हें थाने में बैठाकर रखा गया। वहीं, नेहा भूषण ने दावा किया कि वह जन सुराज के लिए काम कर रही थीं, तभी पुलिस उनके घर में घुस गई और उन्हें बाहरी बताकर परेशान किया। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।
भाजपा और पुलिस की मिलीभगत का आरोप
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनके समर्थकों को प्रताड़ित किया। उन्होंने मांग की कि पटना एसएसपी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करें कि 54 लोगों को किस आधार पर हिरासत में लिया गया और उनमें भाजपा के कितने कार्यकर्ता शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।.jpeg)
मतगणना को लेकर डीजीपी के भरोसे का दावा
जन सुराज प्रमुख ने कहा कि बिहार के डीजीपी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि 3 अगस्त को होने वाली मतगणना में पटना एसएसपी की कोई भूमिका नहीं होगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने कानून से बाहर जाकर कार्रवाई की है तो उसे इसका जवाब देना होगा और कोई वरिष्ठ अधिकारी उसे नहीं बचा पाएगा। प्रशांत किशोर ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह हार इतनी बड़ी होगी कि भविष्य में भाजपा यह दावा नहीं कर सकेगी कि किसी भी उम्मीदवार को टिकट देकर चुनाव जिताया जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि जन सुराज कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ कानूनी और संवैधानिक लड़ाई अंत तक जारी रखेगी।