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3,590 करोड़ की NH-22 परियोजना को केंद्र की हरी झंडी, जल्द बदलेगी मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी हाईवे की तस्वीर

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द फॉलोअप डेस्क
बिहार के विकास को तेज रफ्तार देने वाली एक और महत्वपूर्ण परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड (NH-22) के 82.578 किलोमीटर मार्ग को 4-लेन मानक में अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना की कुल लागत 3,590.73 करोड़ रुपए  है। इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर विकसित किया जाएगा। निर्माण अवधि लगभग 30 महीने रखी गई है।
CM सम्राट चौधरी ने जताया प्रधानमंत्री का आभार
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मंजूरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह बिहार के विकास को रफ्तार देने वाली एक और महत्वपूर्ण सौगात है। इससे उत्तर बिहार में कनेक्टिविटी, आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। ‘समृद्ध बिहार’ के संकल्प को साकार करने में निरंतर सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री जी का अभिनंदन।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं आइए जानें 
मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी फोरलेन परियोजना की कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर है, जो बिहार के मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों से होकर गुजरेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण लगभग 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत से हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जा रहा है। बेहतर और सुरक्षित यातायात को ध्यान में रखते हुए इसमें 7 मेजर ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनमें बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा प्रमुख पुल भी शामिल है। इसके अलावा परियोजना में 3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 2 फ्लाईओवर (जिनकी लंबाई क्रमशः 1,170 मीटर और 270 मीटर होगी) तथा 6 व्हीक्युलर अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इस फोरलेन सड़क को अधिकतम 100 किमी प्रति घंटा की गति के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि औसत परिचालन गति 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तर बिहार में आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और क्षेत्रीय व्यापार, परिवहन तथा आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह हाईवे भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा को मुजफ्फरपुर (NH-27, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) से जोड़ेगा। इससे मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नी सईदपुर, थुम्मा, डुमरा, भुटाही और सोनबरसा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम कम होगा। साथ ही यात्रा समय घटेगा, वाहन संचालन लागत में कमी आएगी और माल परिवहन अधिक सुगम होगा। 
व्यापार, पर्यटन और धार्मिक स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से बाबा गरीबनाथ मंदिर (मुजफ्फरपुर) और पुनौरा धाम (माता जानकी मंदिर, सीतामढ़ी) जैसे धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। साथ ही पीएम गति शक्ति के आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक नोड्स से सीधा जुड़ाव बनेगा। यह परियोजना उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को मजबूत करते हुए क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है।

Tags - Bihar News NH-22 Muzaffarpur Sitamarhi Infrastructure Project