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Mobile Theft : फोन चोरी या गुम होते ही करें ये काम, बच जाएगा आपका बैंक बैलेंस

फोन चोरी या गुम होते ही करें ये काम, बच जाएगा आपका बैंक बैलेंस

द फॉलोअप डेस्क:

Mobile Theft: मोबाइल फोन का चोरी या गुम होना अब सिर्फ एक महंगे उपकरण के खोने तक सीमित नहीं रह गया है। मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति के हाथ लगते ही उसमें मौजूद बैंकिंग और यूपीआई (UPI) से जुड़ी जानकारी साइबर अपराधियों के लिए बड़ा हथियार बन सकती है। मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग थानों और जीआरपी में ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं। पिछले छह महीनों में गुम या चोरी हुए मोबाइल के जरिए साइबर ठगों ने 10 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली। पुलिस को आशंका है कि स्थानीय मोबाइल चोरों और साइबर अपराधियों (Cyber Criminals) के बीच गठजोड़ हो सकता है। क्लब रोड (Club Road) स्थित शक्तिनाथ मंदिर के पास सब्जी खरीदने के दौरान रंधीर कुमार का मोबाइल गिर गया था। मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लगने के बाद उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 15,599 रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह कटही पुल के पास कलमबाग चौक निवासी राजीव कुमार का मोबाइल गिरने के बाद उनके खाते से 11,428 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। दोनों पीड़ितों ने संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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ट्रेन में मोबाइल चोरी, फिर यूपीआई से खाते साफ करने का खेल

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस ने ट्रेन में यात्रियों के मोबाइल चोरी कर उनके बैंक खातों से रुपये उड़ाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में मोबाइल चोरी करते थे। इसके बाद चोरी किए गए फोन को एक साथी की मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर ले जाया जाता था, जहां फोन का लॉक हटाने की कोशिश की जाती थी। लॉक खुलने के बाद आरोपी मोबाइल में मौजूद यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड या पिन को रीसेट करने के विकल्प का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद खाते से रुपये निकाल लिए जाते थे। इस मामले ने साफ कर दिया है कि मोबाइल चोरी होने के बाद कुछ मिनटों की लापरवाही भी बैंक खाते के लिए भारी पड़ सकती है।

मोबाइल गुम होते ही तुरंत करें ये 6 जरूरी काम

  • बैंक खाता और यूपीआई तुरंत ब्लॉक कराएं: मोबाइल गुम या चोरी होने की जानकारी मिलते ही अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करें। मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सेवाओं को तत्काल ब्लॉक या अस्थायी रूप से बंद कराएं।
  • सिम कार्ड बंद कराएं: टेलीकॉम कंपनी से संपर्क कर चोरी या गुम हुए सिम को तुरंत बंद कराएं। इसके बाद जरूरत के अनुसार डुप्लीकेट सिम जारी करवाएं।
  • सिम पर PIN लॉक लगाएं: भविष्य में सिम के गलत इस्तेमाल से बचने के लिए फोन की सेटिंग के अनुसार SIM PIN Lock की सुविधा सक्रिय रख सकते हैं।
  • WhatsApp और ईमेल अकाउंट सुरक्षित करें: किसी दूसरे डिवाइस से अपने WhatsApp, Gmail और अन्य जरूरी अकाउंट्स की सुरक्षा जांचें। जरूरत पड़ने पर पासवर्ड बदलें और अनजान डिवाइस से लॉगआउट करें।
  • Two-Factor Authentication चालू रखें: सोशल मीडिया, ईमेल और दूसरे महत्वपूर्ण ऑनलाइन अकाउंट्स में 2-Factor Authentication यानी दो-स्तरीय सुरक्षा सक्रिय रखें। इससे केवल पासवर्ड के आधार पर अकाउंट में प्रवेश करना मुश्किल होता है।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें: अगर मोबाइल गुम होने के बाद बैंक खाते से कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो जाए, तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। साथ ही अपने बैंक को भी तुरंत ट्रांजैक्शन की जानकारी दें।

थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है बड़ी रकम

मोबाइल फोन में आज बैंकिंग, यूपीआई, ईमेल और सोशल मीडिया से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मौजूद रहती हैं। ऐसे में फोन चोरी या गुम होने पर उसे सिर्फ एक डिवाइस का नुकसान समझकर छोड़ना भारी पड़ सकता है। बैंकिंग सेवाओं को तुरंत ब्लॉक कराना, सिम बंद कराना और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की तत्काल शिकायत करना नुकसान को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है।

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