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SIR पर दिल्ली में विपक्ष एकजुट, बिहार में क्यों आमने-सामने? RJD-कांग्रेस से JDU-अनंत सिंह तक समझिए MLC चुनाव का पूरा समीकरण

SIR पर दिल्ली में विपक्ष एकजुट, बिहार में क्यों आमने-सामने? RJD-कांग्रेस से JDU-अनंत सिंह तक समझिए MLC चुनाव का पूरा समीकरण

द फॉलोअप डेस्क:

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव ने राज्य की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली में SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दल एक मंच पर नजर आए, लेकिन बिहार में चुनावी तालमेल की तस्वीर अलग दिख रही है। 23 अक्टूबर को चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर मतदान होना है और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इस चुनाव में RJD और कांग्रेस के उम्मीदवार कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक सीट पर आमने-सामने हैं। वहीं दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर RJD ने उम्मीदवार नहीं उतारा है, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं। इससे महागठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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अनंत सिंह का नीरज कुमार के खिलाफ खुला विरोध

इस चुनाव में जन सुराज ने भी सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। पटना स्नातक सीट पर JDU ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से डॉ. अनुज सिंह मैदान में हैं। खास बात यह है कि JDU विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह उनके साथ नजर आए और उनके समर्थन में प्रचार करने की बात कही। अनंत सिंह का कहना है कि विधान परिषद का चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होता, इसलिए वह इसे JDU के खिलाफ चुनाव नहीं मानते। उन्होंने नीरज कुमार के विरोध की वजह व्यक्तिगत राजनीतिक मतभेद को बताया है। ये आरोप अनंत सिंह के हैं।

MLC चुनाव में दलों के साथ अंदरूनी समीकरण भी अहम

बिहार विधान परिषद चुनाव में इस बार सिर्फ दलों के बीच मुकाबला नहीं दिख रहा, बल्कि गठबंधन के अंदर की राजनीति और व्यक्तिगत समीकरण भी अहम हो गए हैं। RJD-कांग्रेस के कई सीटों पर आमने-सामने होने के बीच जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उतरकर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है। वहीं पटना स्नातक सीट पर JDU के अंदर से ही नीरज कुमार का विरोध सामने आने से यह सीट खास तौर पर चर्चा में है। ऐसे में 23 अक्टूबर का मतदान यह तय करेगा कि स्थानीय समीकरण, उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ और दलों के भीतर की राजनीति का असर विधान परिषद के इन चुनावों पर कितना पड़ता है।