LNJP Hospital:
पटना के शास्त्रीनगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल का नया सुपरस्पेशियलिटी भवन आज से शुरू होने जा रहा है। 225 करोड़ रुपये की लागत से तैयार छह मंजिला इस अत्याधुनिक अस्पताल भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यह देश के सबसे बड़े ऑर्थोपेडिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों में शामिल होगा। नए भवन में ऑर्थोपेडिक्स, स्पाइन सर्जरी, ट्रॉमा, स्पोर्ट्स इंजरी, न्यूरोसर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
#Live: LNJPN अस्पताल परिसर में 400 बेड वाले हड्डी रोग अति विशिष्ट अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन....https://t.co/kfAWZt9Qb5
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 25, 2026
बिहारवासियों को अब बड़े राज्यों का रूख नहीं करना पड़ेगा
उद्घाटन के बाद अगले सप्ताह से ओपीडी सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी। इससे अब गंभीर हड्डी, रीढ़ और खेल संबंधी चोटों के इलाज के लिए राज्य के मरीजों को दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में कुल 400 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें 200 बेड ऑर्थोपेडिक्स विभाग, 100 बेड न्यूरोसर्जरी और 100 बेड स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के लिए निर्धारित हैं। इसके अलावा 25 बेड का आईसीयू, करीब 30 बेड का हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU), प्री-ऑपरेटिव और पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड के साथ आधुनिक ट्रॉमा सेंटर भी बनाया गया है।

नए भवन में बिहार का पहला समर्पित स्पोर्ट्स इंज्यूरी सेंटर
अस्पताल में छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार किए गए हैं, जो लेमिनर एयर फ्लो तकनीक से लैस हैं। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा और जटिल सर्जरी को अधिक सुरक्षित तरीके से किया जा सकेगा। वहीं, नए भवन में बिहार का पहला समर्पित स्पोर्ट्स इंज्यूरी सेंटर भी विकसित किया गया है, जहां खिलाड़ियों और खेल से जुड़ी चोटों का विशेष इलाज किया जाएगा। नए अस्पताल में एमआरआई, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, बोन कैंसर उपचार सुविधा, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और आधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इससे मरीजों को बेहतर और विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं राज्य में ही मिल सकेंगी।
हालांकि, अस्पताल को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए करीब 300 अतिरिक्त डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों की आवश्यकता बताई गई है। फिलहाल करीब 70 डॉक्टर, 125 नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सेवाएं शुरू की जाएंगी। बाद में मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद सभी 400 बेड पूरी तरह से संचालित किए जाएंगे।