बिहार
पटना में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान एक छोटा बच्चा भी चर्चा का केंद्र बन गया है। जिस उम्र में दूसरे बच्चे स्कूल में राइम्स याद कर रहे होते हैं, उसी उम्र में बिहार का यह बच्चा मीडिया की सुर्खियों में नजर आ रहा है। इस बच्चे का नाम आदित्य कुमार है और उसकी उम्र 6 साल है। लोग उसे ‘जेन अल्फा’ पीढ़ी का प्रतिनिधि बता रहे हैं। कक्षा 1 का छात्र आदित्य पटना में चल रहे BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन में अपने माता-पिता के साथ पहुंचा। आंदोलन में शामिल सबसे कम उम्र के बच्चों में से एक आदित्य अभ्यर्थियों के समर्थन में आवाज उठाता नजर आ रहा है।
ये बिहार है भाई!
— Mukesh singh (@Mukesh_Journo) August 26, 2026
जिस उम्र में दूसरे राज्यों के बच्चे LKG-1 या LKG-2 में राइम्स याद कर रहे होते हैं, उस उम्र में बिहार के ये बच्चे मीडिया की सुर्खियों में हैं—आंदोलन कर रहे हैं, नारे लगा रहे हैं और खुद को क्रांतिकारी साबित कर रहे हैं!
उम्र छोटी है, लेकिन तेवर बड़े-बड़े नेताओं… pic.twitter.com/WyzOmLXbSW
पुलिसकर्मियों और मीडिया के बीच नजर आया आदित्य
वायरल वीडियो में आदित्य पुलिसकर्मियों के साथ नजर आ रहा है। इसके बाद वह कई न्यूज चैनलों के माइक के सामने नारे लगाते और अपनी बात रखते हुए भी दिखाई दे रहा है। उम्र भले ही छोटी हो, लेकिन उसके तेवर बड़े नेताओं जैसे नजर आ रहे हैं। 
BPSC और TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन
यह दृश्य बिहार में चल रहे छात्र प्रदर्शनों का हिस्सा है। प्रदर्शनकारी युवा BPSC की 70वीं परीक्षा रद्द करने, पेपर लीक की जांच, TRE-4 भर्ती परीक्षा को सिंगल स्टेज में कराने, निगेटिव मार्किंग हटाने और भर्ती से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च के दौरान बैरिकेडिंग तोड़े जाने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसी दौरान आदित्य भी आंदोलन की सुर्खियों में आ गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर आदित्य के वीडियो को शेयर करते हुए कई लोग लिख रहे हैं, “बिहार इज नॉट फॉर बिगिनर्स।” कुछ यूजर्स इसे बच्चों की क्रांतिकारी सोच बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग बच्चों को आंदोलन में शामिल किए जाने पर सवाल भी उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे और रोजगार पर रखी बात
बताया जा रहा है कि पुलिस ने बच्चे को प्रदर्शन स्थल से दूर ले जाने की कोशिश भी की। वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान आदित्य ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। आदित्य की मौजूदगी ने बिहार के छात्र आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। यह घटना दिखाती है कि आंदोलन का असर युवाओं के साथ-साथ बच्चों तक भी पहुंचता नजर आ रहा है।