logo

...और फिर सीएम सम्राट से मिले पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, क्या दिल भी मिलेंगे!

a2621.jpg

पटना:

और आखिरकार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के आत्मीय मुलाकात की तस्वीरें सामने आ गई। तल्खी, नाराजगी और नाखुशी की चर्चा के बीच दोनों नेताओं में शिष्टाचार मुलाकात हुआ। फूल-मालाओं  का आदान-प्रदान भी हुआ है। सियासी गलियारों में चर्चा जरूर होगी कि हाथ तो मिला लिया क्या दिल भी मिल पाएंगे।

गौरतलब है कि नीतीश कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री रहे विजय कुमार सिन्हा भी सीएम पद के दावेदारों में शामिल थे, लेकिन कुछ तो जाति आधारित सियासी समीकरण और थोड़ी सी नीतीश कुमार की इच्छा भी, सम्राट चौधरी बिहार की सत्ता के सिरमौर बन गये हैं। प्रदेश में पहले भाजपा मुख्यमंत्री होने का गौरव पाया है। 

 

विजय कुमार सिन्हा ने जाहिर की थी नाराजगी
सम्राट चौधरी जब बीजेपी विधायक दल का नेता चुने गये तो विजय कुमार सिन्हा ने कहा था कि मैं तो पार्टी का अदना सा सिपाही हूं। कमांडर ने आदेश दिया और गठबंधन का तकाजा ऐसा है कि मैंने सम्राट चौधरी का नाम आगे बढ़ाया है। हमने पीढ़ियों से संगठन को खून-पसीने से सींचा है तो आज बिहार में कमल खिलने का मौका आया है। सियासत में कुछ नहीं कहकर भी बहुत कुछ कह जाने की कला इसे कहते हैं।

आज जब यह तस्वीर सामने आई है तो वो नजारा भी नजरों में घूम जाता है जब सदन में मंत्री सम्राट चौधरी ने स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को कह दिया था कि व्याकुल नहीं होना है। खैर! सियासत में शिष्टाचार मुलाकात अनिवार्य आवश्यक्ता है। ये होती रहती हैं। फिलहाल तो इस तस्वीर को देखते जाइये। 

सम्राट चौधरी को सीएम बनाने पर क्या है राय
गौरतलब है कि बिहार में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई है। जेडीयू खेमे में मायूसी है। वह इस घटनाक्रम को नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की इच्छा कहकर बचाव करने की कोशिश करते हैं तो वहीं भारतीय जनता पार्टी में भी सम्राट चौधरी के नाम पर एका नहीं है। मामला ऐसा है कि  केंद्रीय नेतृत्व का आदेश है तो मानना ही होगा।

देखना यह  दिलचस्प होगा कि जब बिहार की सियासत में आगे घटनाक्रम तेजी से बदलेगा तो उसे सीएम कैसे साधेंगे। 

Tags - Samrat ChoudharyVijay Kumar SinhaNitish KumarAmit ShahBiharBihar PolitcsBihar News Government