द फॉलोअप डेस्क
गणतंत्र दिवस के दिन जमुई जिले से लूटपाट की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां बेखौफ बदमाशों ने पहले पूर्व सिविल सर्जन के घर में घुसकर पूरे परिवार को जहरीला इंजेक्शन देकर बेहोश कर दिया और फिर लूटपाट की। गिद्धौर थाना क्षेत्र के इस दुस्साहसिक कांड ने पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, अहले सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच पांच नकाबपोश बदमाश पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के घर का ताला तोड़कर दाखिल हुए। बदमाशों ने डॉक्टर, उनकी पत्नी पुष्पम सत्यार्थी और पुत्र डॉ. विक्रम सत्यार्थी को पिस्टल की नोंक पर बंधक बना लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने जबरन तीनों को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया।
पीड़ित डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने अस्पताल में होश आने पर बताया कि बदमाशों ने दावा किया था कि उन्हें परिवार की हत्या करने की सुपारी मिली है। लुटेरों ने यह भी कहा कि उन्हें घर में 80 लाख रुपये होने की सटीक सूचना मिली है। वे आपस में पिता-पुत्र को जान से मारने की बात कर रहे थे, जिससे परिवार में दहशत का माहौल है।2.jpeg)
घटना का खुलासा सुबह करीब 8:30 बजे हुआ, जब पड़ोसियों ने घर का दरवाजा खुला देखा। अंदर जाने पर तीनों सदस्य अचेत अवस्था में मिले। आनन-फानन में झाझा विधायक दामोदर रावत और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।2.jpeg)
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। गिद्धौर थाना के एसआई जयप्रकाश सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद विस्तृत बयान दर्ज किया जाएगा। फिलहाल घर से कितनी संपत्ति लूटी गई है, इसका सटीक आकलन बेहोशी टूटने और जांच के बाद ही हो पाएगा।2.jpeg)
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। गणतंत्र दिवस जैसे संवेदनशील मौके पर हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।2.jpeg)