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नीति आयोग की बैठक में CM सम्राट ने रखा बिहार मॉडल, विकास योजनाओं के लिए मांगी 18 हजार करोड़ की मदद

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पटना/बिहार
CM सम्राट चौधरी दो दिनों के दिल्ली दौरे पर हैं। उनकी यह दौरा बिहार के विकास को लेकर अहम माना जा रहा है। नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने राज्य के विकास मॉडल को रखा। साथ ही भविष्य के रणनीतियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान CM सम्राट ने राज्य विकास के लिए प्रधानमंत्री से 18 हजार करोड़ रुपये की मदद मांगी है। बैठक में प्रधानमंत्री सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे।

मुख्यमंत्री सम्राट ने गिनाईं विकास योजनाएं
सीएम सम्राट ने केंद्र सरकार से बिहार विकास के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि की मांग करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने हर घर नल का जल कार्यक्रम में निवेश कर जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। लेकिन कुछ कारणों से इस योजना के तहत मिलने वाली राशि राज्य सरकार को नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य को साकार करने के लिए बिहार सरकार शिक्षा, कौशल विकास, खेल, पर्यटन और कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में स्वीकृत 11,529 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में से 10,579 में पोषण वाटिकाएं विकसित की जा चुकी हैं। वहीं 8,400 आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी स्कूलों से जोड़ा गया है, जबकि 34,682 केंद्रों को 500 मीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालयों से संबद्ध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कौशल विकास परियोजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपये तथा जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया। इसके अलावा भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) की क्षेत्रीय शाखाएं खोलने में भी सहयोग मांगा गया। खेल क्षेत्र में बिहार ने 2028 के नेशनल यूथ गेम्स, 2030 के हॉकी विश्व कप और 2031 के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र से विशेष सहायता की मांग की है। पर्यटन विकास के तहत विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया के एकीकृत विकास के साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया। 


पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 76,202 सरकारी विद्यालयों में से 91 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है और 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। बालिका विद्यालयों में शत-प्रतिशत शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के स्कूल से बाहर बच्चों को बिहार ओपन स्कूल बोर्ड के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब का निर्माण किया जा रहा है, जबकि पीएम सेतु योजना के तहत 75 आईटीआई संस्थानों के उन्नयन के लिए 3,615 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब का निर्माण किया जा रहा है, जबकि पीएम सेतु योजना के तहत 75 आईटीआई संस्थानों के उन्नयन के लिए 3,615 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर संस्थान, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की दिशा में भी पहल की जा रही है। स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर संस्थान, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की दिशा में भी पहल की जा रही है।

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