पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज गयाजी का दौरा कर राज्य के औद्योगिक और तकनीकी विकास को एक नई रफ्तार दी। मुख्यमंत्री ने यहां 170 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर का शिलान्यास किया, जिसे पूर्वी भारत में टेक्निकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का एक बड़ा हब माना जा रहा है। उन्होंने गयाजी में सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'बिहार में सारे कोचिंग सेंटर बंद हो जाएंगे, हम ऐसी व्यवस्था करेंगे कि कोचिंग संस्थानों की जरूरत ही न पड़े।' सम्राट चौधरी ने इसके लिए अपना मेगा प्लान भी बताया। इस मौके पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने न सिर्फ गयावासियों को अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और फल्गु नदी को लेकर दो बड़ी सौगातें दीं, बल्कि राज्य के कोचिंग संस्थानों को लेकर भी एक बेहद बड़ा और कड़ा इशारा कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया में महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तस्वीरें X के माध्यम से शेयर किया है।
गयाजी के खिजरसराय में अत्याधुनिक MSME प्रौद्योगिकी केंद्र का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 15, 2026
लगभग ₹170 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इस केंद्र के लिए बिहार सरकार द्वारा 20 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। यह प्रौद्योगिकी केंद्र प्रतिवर्ष 7,000 से अधिक युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण… pic.twitter.com/PowN5U8vIW
कोचिंग संस्थानों पर बोले सीएम — स्कूलों में ही मिलेगी हर सुविधा
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और निजी कोचिंग संस्थानों को लेकर एक बेहद बड़ा बयान दिया। उन्होंने इशारों-इशारों में साफ कर दिया कि सरकार अब सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को इस कदर मजबूत और बेहतर करने जा रही है कि छात्रों को बाहर जाने की जरूरत ही न पड़े। सीएम ने कहा कि सरकार की योजना ऐसी व्यवस्था लागू करने की है जिससे राज्य के सारे कोचिंग सेंटर बंद हो जाएं और विद्यार्थियों को तमाम जरूरी सुविधाएं तथा उच्च स्तर की शिक्षा स्कूलों के भीतर ही मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने बिहार के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाने की बात भी प्रमुखता से कही।
कहां-कहां खर्च किए जाएंगे 170 करोड़ रुपये?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 170 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसे तकनीकी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसमें से लगभग 86 करोड़ रुपये अत्याधुनिक भवन के निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने पर खर्च होंगे, जबकि शेष 84 करोड़ रुपये आधुनिक प्रशिक्षण उपकरणों और एडवांस मशीनों की स्थापना पर व्यय किए जाएंगे। इस केंद्र के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यहां हर साल लगभग 10 हजार छात्र-छात्राओं और युवाओं को उच्च स्तरीय टेक्निकल ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकेंगे।
जीतन राम मांझी ने जताया आभार, बताया मील का पत्थर
इस शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर मौजूद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की और इसे बिहार के भविष्य के लिए बेहद कल्याणकारी बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह केंद्र केवल गया ही नहीं बल्कि पूरे बिहार और पूर्वी भारत के युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगा। यहां से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा तकनीकी रूप से पूरी तरह दक्ष बनेंगे और उद्यमिता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि पूरे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी एक नई दिशा और गति मिलेगी।
सीएम सम्राट ने दीं दो बड़ी सौगातें, बदलेगी गया की सूरत
टेक्नोलॉजी सेंटर के शिलान्यास के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयावासियों की झोली में दो और बड़ी सौगातें डाल दीं। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि झारखंड के इंद्रपुरी क्षेत्र से पानी लाकर फल्गु नदी में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे इस पवित्र नदी के 'सदानीरा' स्वरूप को दोबारा बहाल करने का प्रयास सफल हो सके। इसके साथ ही उन्होंने खेल प्रेमियों को भी बड़ा तोहफा दिया और बताया कि टेक्नोलॉजी सेंटर परिसर के पास ही उपलब्ध करीब 60 एकड़ की विशाल भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के भव्य स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा।