द फॉलोअप डेस्क:
Bihar News: छपरा (Chhapra) के सदर अस्पताल (Sadar Hospital) में सोमवार को सड़क हादसे में घायल होकर पहुंचे एक युवक के पैर पर कार्टन बांधकर प्राथमिक उपचार किए जाने की तस्वीर सामने आई है। तस्वीर सामने आने के बाद अस्पताल में गंभीर रूप से घायल मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लाल बाजार (Lal Bajar) के पास सोमवार को एक अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों छपरा में शैडोफैक्स कंपनी (Shadowfax Company) के डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करते हैं। घायलों की पहचान डोरीगंज थाना क्षेत्र के मोहदीपुर गांव निवासी रंजीत चौरसिया के 24 वर्षीय बेटे अविनाश कुमार (Avinash Kumar) और बदलपुर निवासी अमर सिंह के 28 वर्षीय बेटे राहुल कुमार सिंह के रूप में हुई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया।
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
यह भी पढ़ें: Bihar MLC Election : सारण शिक्षक सीट पर NDA में खींचतान, RLM नेता के साथ तीन विधायक
गंभीर चोट के बाद पैर पर बांधा गया कार्टन
सदर अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक सुब्रत कुमार ने दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इसी दौरान एक युवक के पैर में गंभीर चोट को देखते हुए उसके पैर पर कार्टन बांधा गया। इसके बाद दोनों घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। घटना के बाद घायलों के परिजनों ने अस्पताल की उपचार व्यवस्था पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना था कि हादसे में दोनों युवकों को गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा की जरूरत थी। सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए आधुनिक संसाधन और उपकरण उपलब्ध कराने की बात लगातार कही जाती रही है। ऐसे में गंभीर रूप से घायल युवक के पैर पर कार्टन बांधकर प्राथमिक उपचार किए जाने की तस्वीर सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, घायल युवक को किस तरह की चोट लगी थी और उस समय चिकित्सकीय जरूरत के तहत कार्टन का इस्तेमाल क्यों किया गया, इस बारे में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को पटना रेफर किए जाने को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से नहीं मिली स्पष्ट जानकारी
मामले को लेकर सदर अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। अस्पताल उपाधीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला। वहीं, सिविल सर्जन भी इस मामले में बातचीत के लिए उपलब्ध नहीं हो सके। फिलहाल घायल युवक के पैर पर कार्टन बांधकर प्राथमिक उपचार किए जाने की तस्वीर के बाद सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में आगे क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, यह देखना बाकी है।