बक्सर/बिहार
बक्सर के जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में 9वीं से 12वीं कक्षा की प्रश्नपत्रों के बंडल पानी में तैरते पाया गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। मानसून एक्टिव होते ही बारिश हुई तो कार्यालय में जलजमाव की स्थिति बन गई। 167 स्कूलों के लिए तैयार किए गए प्रश्नपत्र तैरते हुए पाया गया। इसे लेकर राजद ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
नीतीश कुमार के CM रहते सारे प्रश्नपत्र लीक हो जाते थे, सातवीं फेल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही परीक्षा का पूरा सिस्टम ही लीक हो जा रहा है! जहाँ प्रश्नपत्र रखे जाते हैं वहाँ का कमरा ही लीक हो जा रहा है!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) July 3, 2026
बक्सर के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में भारी जलजमाव के कारण… pic.twitter.com/nZQFNtOCRP
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल?
जानकारी के अनुसार, 167 स्कूलों के लिए 9वीं से 12वीं कक्षा की त्रैमासिक परीक्षा के लिए करीब 2100 प्रश्नपत्र तैयार किये गए थे। सभी बंडलों को कार्यालय में रखा गया था। तेज बारिश होने के कारण जलजमाव की स्थिति बनी, जिसके बाद सभी बंडल पानी में तैरने लगे। यह दृष्य बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। साथ ही प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरु कर दिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठाया। विपक्ष ने पोस्ट में नीतिश कुमार और सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाना बनाया।
नीतीश कुमार के बाद सम्राट चौधरी को बनाया निशाना
“लिखा कि नीतीश कुमार के CM रहते सारे प्रश्नपत्र लीक हो जाते थे। वहीं अब सातवीं फेल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही परीक्षा का पूरा सिस्टम ही लीक हो जा रहा है। जहां प्रश्नपत्र रखे जाते हैं वहां का कमरा ही लीक हो जा रहा है। अधिकारी कह रहे हैं प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। अब फिर से प्रश्न पत्र बनाने और छापने की तकलीफ कौन उठाए? BJP और JDU की सरकार को घेरते हुए कहा कि हर पेपर लीक के बाद BJP, JDU सरकार की तरह अधिकारियों ने भी बोल दिया कि प्रश्न पत्र लीक ही नहीं हुआ है”
इस बीच विपक्ष ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।