पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज ‘विकसित भारत-समृद्ध बिहार’ एवं ‘बहनों का सम्मान, सरकार की पहचान’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। रक्षाबंधन के अवसर से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में नई सौगात देते हुए ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान का शुभारंभ किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित नर्स बहाली परीक्षा में सा 7,376 बहनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। बहनों का सरकारी नर्स के रूप में महिलाओं को सरकारी सेवा में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बिहार को एनीमिया मुक्त बनाने के लि अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नवंबर तक एक करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जा उन्हें आवश्यक दवा निःशुल्क उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

10 हजार लाभुकों को ऋण वितरित किया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 5 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में डी०बी०टी० के माध्यम से 600 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। साथ ही जीविका निधि से 10 हजार लाभुकों को ऋण वितरित किया। 'विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत 112 ग्रामीण हाट के निर्माण कार्य का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के समक्ष नशामुक्ति एवं सामाजिक जागरूकता के लिए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय तथा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। मुख्यमंत्री ने 'समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार' अभियान तथा 'लखपति दीदी' से संबंधित पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिसमें टॉप टू बॉटम सभी अधिकारी एवं कर्मी महिलाएं होंगी। कुलपति से लेकर प्रोफेसर, कर्मचारी और छात्र सभी महिला होंगी। 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों को चिन्हित कर उनके घरों पर सोलर पैनल स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में आयोजित महिला संवाद के दौरान महिलाओं के आग्रह पर बिहार में अमीर से लेकर गरीब तक सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है। राज्य में बिजली उपभोक्ताओं को करीब 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला संवाद के बाद ही वर्ष 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी। आज स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं जुड़ी हैं और बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियों का योगदान करीब 1.46 लाख करोड रुपये का है। वर्ष 2005 से पहले बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी नगण्य थी, लेकिन आज महिलाओं के आत्मविश्वास और मेहनत से परिवार एवं राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।

30 दिनों के अंदर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है
मुख्यमंत्री ने 'सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का 30 दिनों के अंदर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। गांव, क्षेत्र अथवा जीविका से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए सहयोग पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है और उसका निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 1,000 महिलाओं को पी०एच०डी० की पढ़ाई के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बिहार में एक समय में करीब 4,600 लोग पी०एच०डी० कर रहे हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या लगभग 600 है। महिलाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज, कार्यालय एवं जीविका समूहों के आसपास 'पुलिस दीदी' की तैनाती सुनिश्चित की गई है। महिला पुलिसकर्मियों को मोटर बाइक भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित समाधान में सहायता मिल सके। बिहार में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश में सर्वाधिक है।

एक करोड लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में एक करोड लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। महिलाओं को उद्योगपति एवं लखपति बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका को मजबूत बनाने में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आज बिहार में 50 लाख जीविका दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। पशु सखी अभियान के तहत करीब 25 लाख महिलाएं पशुपालन, बकरी पालन एवं गाय पालन से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में जीविका दीदियां विभिन्न रोजगार एवं स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। वर्ष 2030 तक बिहार सरकार महिलाओं पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।
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