बिहार
बिहार में मानसून का असर अलग-अलग इलाकों में देखने को मिल रहा है। कहीं बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल रही है, तो कहीं धूप निकलने की वजह से उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है। इस बीच मौसम विभाग ने आज राज्य के 18 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं किशनगंज और कैमूर में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
18 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है। कई इलाकों में दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ जिलों में मौसम सामान्य भी रह सकता है। बारिश के बीच धूप निकलने पर लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
12 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है। 12 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान उत्तर बिहार और सीमांचल के जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं 13 और 14 अगस्त को राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है।
पटना समेत कई जिलों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान पटना समेत राज्य के चार जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पटना में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौली चलती रही, जबकि देर रात कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। इसके अलावा अन्य जिलों में भी आसमान में काले बादल छाए रहे। राज्य में अधिकतम तापमान करीब 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। बारिश वाले इलाकों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि अन्य जगहों पर उमस ने परेशानी बढ़ाई।.jpeg)
नेपाल की बारिश से बिहार में बढ़ी चिंता
नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का पानी लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई निचले इलाकों में पानी पहुंचने की भी सूचना है। वहीं बेगूसराय में गंगा नदी के आसपास कटाव शुरू होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों की निगाहें मौसम पर टिकी हुई हैं।