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बिहार की 1 करोड़ महिलाओं को अगले तीन वर्षों में सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

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बिहार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में रक्षाबंधन के पूर्व आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को रोजगार और स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की। उन्होंने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में बिहार की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। 25 से 27 अगस्त तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाया जाएगा।
महिलाओं के सशक्तीकरण से विकसित बिहार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्धि का रास्ता महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से होकर जाता है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 के विधानसभा चुनाव से पहले एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ी करीब 1.81 करोड़ महिलाओं और 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम लगातार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बहनों की प्रगति से ही विकसित और समृद्ध बिहार का संकल्प पूरा होगा।
'अनीमिया मुक्त बिहार' अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने 'अनीमिया मुक्त बिहार' विशेष अभियान का भी शुभारंभ किया। यह अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत एनीमिया की रोकथाम, जांच, उपचार और जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाएगा। अभियान के माध्यम से करीब 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 500 लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों, महिलाओं और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की एनीमिया की जांच की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं दवा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी उन्मूलन अभियान के तहत भी बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। अब स्वास्थ्य सेवाओं को जिला स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। जिलों में 38 तरह के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोगों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पटना आने की जरूरत कम होगी।
डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने पशुपालन और दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में करीब 12 लाख किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं, जिसे बढ़ाकर 50 लाख से अधिक करने का लक्ष्य है। महिलाओं को 'सुधा सखी', जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी करीब 70 प्रतिशत है, जबकि बिहार में इसे बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को दूसरी और तीसरी किश्त मिलाकर करीब 60 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सभी पंचायतों में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए दीदी का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा और भविष्य में इसका विस्तार गांवों तक करने की योजना है।
534 प्रखंडों में पशु औषधि केंद्र खोलने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने पशु चिकित्सा और दवा की सुविधा गांवों के करीब पहुंचाने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने के अभियान की शुरुआत की। इन केंद्रों के संचालन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें रोजगार से जोड़ने की योजना है।
अंतरजातीय विवाह करने वाली महिलाओं को ढाई लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की जो महिलाएं अंतरजातीय विवाह करती हैं, उन्हें बिहार सरकार की ओर से अब सवा लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से भी सवा लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इस तरह पात्र महिलाओं को कुल ढाई लाख रुपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में निर्णय को लागू करने की दिशा में आज से कदम उठाया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल छात्राओं को प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सभी वर्ग की छात्राओं को 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में करीब 59 से 60 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होकर आ रही हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तीकरण की दिशा में बिहार की बड़ी उपलब्धि बताया।
रोजगार के क्षेत्र में सरकार के लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार ने इसके मुकाबले करीब 12 लाख सरकारी नौकरियां देने और लगभग 51 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ने का काम किया है। अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सरकार ने एक करोड़ लोगों को सीधे सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य में महिलाओं को रोजगार से जोड़ना महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू किए गए विद्यार्थी सहयोग शिविर की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था पहले ही शुरू की जा चुकी है, जबकि अब शिविर के माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। हॉस्टल, छात्रावास, स्कूल, कॉलेज सहित शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को इसमें शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सहयोग पोर्टल के माध्यम से अब तक करीब 6.46 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 96 प्रतिशत आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया है।
'सुधा सखी' प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'सुधा सखी' प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। जीविका सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन-पत्र वितरित किए गए और महिलाओं द्वारा संचालित पशु औषधि बिक्री केंद्रों के लिए चयनित महिलाओं को चयन-पत्र प्रदान किए गए। 'सुधा' से संबंधित कार्यक्रम के तहत गठित दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के निबंधन प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। 'सुधा सखी' के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उनके आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की योजना है।
मिथिला हस्तकला को-ऑपरेटिव सोसायटी की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मिथिला हस्तकला को-ऑपरेटिव सोसायटी की घोषणा की गई और नवनियुक्त अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पद्मश्री दुलारी देवी को अध्यक्ष, पद्मश्री शांति देवी और पद्मश्री शिवम पासवान को सह-अध्यक्ष बनाया गया। वहीं, श्रीमती रानी झा को सदस्य बनाया गया।
मुख्यमंत्री को महिलाओं ने बांधी राखी
रक्षाबंधन के अवसर पर जीविका दीदियों, सुधा सखियों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत लगाए गए सुधा स्टॉलों का निरीक्षण किया और विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती श्वेता गुप्ता, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री श्री नंदकिशोर राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत सहित विभिन्न विभागों के सचिव, अधिकारी, जीविका दीदियां, सुधा सखियां और अन्य लाभुक मौजूद रहे।

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