द फॉलोअप,बिहार
बिहार सरकार अब मदरसा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी में है। शिक्षा विभाग ने सरकारी अनुदान प्राप्त मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य के 1942 मदरसों में चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास योजना को स्वीकृति मिल चुकी है। सरकार का लक्ष्य इसी वित्तीय वर्ष में योजना को तेजी से लागू करना है, ताकि मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।

छात्रों को मिलेगा डिजिटल शिक्षा का लाभ
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य मदरसा छात्रों की साक्षरता, डिजिटल स्किल और आधुनिक विषयों की समझ को मजबूत करना है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर से इसकी शुरुआत होगी। इसके तहत विज्ञान, गणित और कंप्यूटर शिक्षा के लिए तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। शिक्षकों को डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी। विभाग का मानना है कि पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक जोड़ने से छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे। हालांकि प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी और पारंपरिक पाठ्यक्रम के संतुलन जैसी चुनौतियों को दूर करने के लिए भी सरकार काम कर रही है।

सरकारी स्कूलों में लगेगा समर कैंप
इधर, सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले पांचवीं और छठी कक्षा के छात्रों के लिए 1 जून से 30 जून तक विशेष समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। ये कैंप गांव और टोला स्तर पर लगाए जाएंगे, जिनमें भाषा और गणित में कमजोर बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक कैंप में 10 से 15 बच्चों को शामिल किया जाएगा। कैंप के संचालन में स्वयंसेवकों, शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज कर्मियों की मदद ली जाएगी। शिक्षा विभाग के मुताबिक, इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ने, समझने और गणितीय क्षमता को मजबूत बनाना है, ताकि वे आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।