बिहार
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत, गुणवत्तापूर्ण तथा छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कई नई समितियों के गठन और छात्र कल्याण से जुड़े कदमों के लिए चार बड़ी घोषणाएं की हैं। इन फैसलों का मकसद हर स्कूल को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना, परीक्षा प्रणाली में सुधार लाना और छात्रों की आवाज को सीधे सुनना है।
बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 9, 2026
घोषणा-1: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक…
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष समिति बनाई गई है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक स्कूल को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना और छात्रों के सीखने के स्तर में लगातार सुधार सुनिश्चित करना है। समिति स्कूलों की स्थिति का आकलन करेगी और जरूरी सुधारों के सुझाव देगी।
परीक्षा सुधार समिति से पारदर्शिता और आधुनिकता का प्रयास
परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। यह समिति बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं और कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर सुझाव देगी। लक्ष्य छात्रों के ज्ञान, समझ और विश्लेषण क्षमता का बेहतर आकलन करना है, ताकि परीक्षा प्रणाली में किसी तरह की अनियमितता न हो।
छात्रों से सीधा संवाद के लिए विशेष सहयोग शिविर
शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे। छात्र अपनी समस्याएं बता सकेंगे और सुझाव दे सकेंगे। इस पहल से सरकार को जमीनी स्तर की चुनौतियों का पता चलेगा और सुधार के काम तेज होंगे।.jpeg)
छात्र कल्याण के लिए निदेशालय का गठन
छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित सभी विभागों में निदेशालय बनाए जाएंगे। इससे छात्र हित के कार्यक्रमों को एक जगह से नियंत्रित और तेज गति से लागू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री सम्राट ने कहा कि बिहार सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन फैसलों से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।