पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एन०एम०ई०डी०टी० के कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार के 44 माइनिंग ब्लॉक का सरकार द्वारा सर्वे कराया जाएगा और रिकॉर्ड 9 महीने के भीतर खनन ब्लॉक को शुरू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल होगी। साथ ही राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा तथा खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।
विकसित बिहार के लक्ष्य पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के आठवें चरण के खनिज ब्लॉकों की नीलामी के कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में खनिज ब्लॉकों का अध्ययन कराया गया है। ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासतों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत तथा पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय नीतीश कुमार जी के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना है। वर्ष 2005 के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार में कई विकास कार्य किए गए हैं तथा आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में पत्थर सहित अन्य खनिज तत्वों की आवश्यकता पड़ती है, इसलिए बिहार के संसाधनों का उपयोग जनता के हित में किया जाएगा।.jpeg)
44 कोल ब्लॉकों में सर्वे और आवंटन प्रक्रिया तेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई खनिज ब्लॉकों का टेंडर किया गया है और कई की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि पदाधिकारी इस दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं और 9 महीने में इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 44 कोल ब्लॉकों में से 28 कोल ब्लॉकों में सर्वे का कार्य आगे बढ़ चुका है तथा 30 सितम्बर से पहले 30 से अधिक कोल ब्लॉक आवंटित कर दिए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल होगी।
खनिज संपदा से विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का बजट आज 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये का हो गया है और राज्य में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में संसाधनों की कमी नहीं है। रोहतास में लाइम स्टोन, औरंगाबाद में मिनिरल बेल्ट, जहानाबाद तथा जमुई में मैग्नेट, जबकि गया, बांका एवं भागलपुर में भी मिनरल्स का बड़ा संसाधन उपलब्ध है, जिनका सदुपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनिजों से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग बिहार की जनता के हित और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा तथा खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री, भारत सरकार जी० किशन रेड्डी जी से भी इस संबंध में चर्चा हुई है तथा सतीश चंद्र दुबे बिहार के हित में सक्रियता से कार्य कर रहे हैं।
निवेशकों से बिहार में निवेश का आग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को कई प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं। उन्होंने सभी निवेशकों से आग्रह किया कि वे खुले मन से बिहार में निवेश करें, बिहार को आगे बढ़ाने में सहयोग दें और निर्भीक होकर अपने उद्योग स्थापित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार सरकार हर स्तर पर निवेशकों का सहयोग करेगी।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार सतीश चन्द्र दुबे ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार सतीश चन्द्र दुबे तथा कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव कदम संदीप वी० ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक आशीष सक्सेना सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।