बिहार
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर जानकारी दी है कि राज्य में गंभीर आपराधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इन विशेष अदालतों के सक्रिय होने से न्यायालयों में लंबे समय से लंबित मुकदमों की सुनवाई में तेजी आएगी। इससे न केवल न्याय प्रक्रिया को गति मिलेगी, बल्कि अपराधियों में कानून का भय भी पैदा होगा। मुख्यमंत्री ने इस पहल को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अपराधियों को एक साफ संदेश दिया है कि लंबित आपराधिक मामलों का निपटान अब जल्द से जल्द किया जाएगा।
अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 4, 2026
अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं नियंत्रण के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की कार्रवाई की जाएगी। #FastTrackCourt #Justice #LawAndOrder #GoodGovernance
न्याय व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन अदालतों का मुख्य उद्देश्य अपराध से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण करना और मौजूदा न्यायिक बोझ को कम करना है। राज्य में 18 लाख से अधिक लंबित मामले हैं, जिन्हें इन विशेष अदालतों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। पटना में आठ और गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा तथा भागलपुर में चार-चार कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह कदम सुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट्स संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान देंगे, जिससे आम नागरिकों को जल्द न्याय मिल सकेगा। बड़े पैमाने पर स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी ताकि अदालतें प्रभावी ढंग से काम कर सकें। यह घोषणा बिहार में अपराध नियंत्रण और न्याय प्रक्रिया को और अधिक कुशल बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।