द फॉलोअप,बिहार
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले के आरोपी एसडीपीओ की सात दिन बाद ही नई पोस्टिंग कर दी गई। इसे लेकर राजद सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सम्राट सरकार पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया (X) पर रोहिणी ने एक पोस्ट किया औऱ सरकार पर आरोप लगाते हुए लिखा कि हत्या मामले में नामजद पुलिस अधिकारी को सरकार नई जिम्मेदारी सौंपी है, मानो "पुरस्कृत किया हो।
हत्या के नामजद आरोपी पुलिस अधिकारी को पुरस्कृत कर दिया सम्राट सरकार ने ?
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) July 2, 2026
जवईनिया गाँव के गरीब विस्थापितों की लड़ाई लड़ने वाले , भोजपुर प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने की बात करने वाले युवक भरत तिवारी की फर्जी पुलिसिया मुठभेड़ में की गयी हत्या के मामले में नामजद… pic.twitter.com/hfYPa5n0a7
सरकार और डीजीपी से पूछे कई सवाल
रोहिणी ने सरकार को निशाना बनाते हुए लिखा कि सरकार के इस फैसले से मृतक के परिजनों और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए उन आरोपों को बल मिलता है, जिनमें फर्जी मुठभेड़ को सत्ता और प्रशासन की सहमति से अंजाम दिए जाने की बात कही गई है। रोहिणी ने सम्राट सरकार और डीजीपी से सवाल करते हुए कहा कि जब मृतक के परिजनों की एफआईआर में कई पुलिसकर्मी नामजद हैं, तो अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। आरोपियों से पूछताछ क्यों नहीं की गई? रोहिणी ने आगे अपने पोस्ट में लिखा कि मामले की जांच इतनी धीमी और अपारदर्शी क्यों है? साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या जांच में देरी किसी "बड़े नाम" को बचाने के लिए की जा रही है।

मोबाइल फोन नहीं सौंपे जाने पर भी जताई नाराजगी
भरत तिवारी का मोबाइल फोन अब तक परिजनों को नहीं सौंपे जाने पर भी रोहिणी ने सवाल उठाया और पूछा कि घटना को लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा परिवार को मोबाइल फोन क्यों नहीं दी गई। अपने पोस्ट में रोहिणी ने इस मामले में सरकार से निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में न्यायिक जांच जारी है।