भोजपुर/बिहार
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज करते हुए मामले में याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा है।

याचिकाकर्ता ने की थी सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग
दरअसल इस मामले में याचिकाकर्ता द्वारा सीबीआई जांच औऱ दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन करने की मांग की गई थी। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित कर जांच की मांग की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता को जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने मामले में सुनवाई करने से इनकार करते हुए हाई कोर्ट जाने को कहा है।

भरत तिवारी की आज तेरहवीं
17 जून को पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं है। इस आयोजन में बिहार ही नहीं बल्कि कई राज्यों से हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 20 से 25 हजार लोग पहुंचेंगे। सभी को ध्यान में रखते हुए भोजन, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं के लिए सैकड़ों हलवाई, स्वयंसेवक और सहयोगी लगाए गए हैं। दूसरी ओर, भरत तिवारी के परिजन लगातार सरकार से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब मेरा बेटा पुलिस के सामने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था तो भी उस पर गोलियां क्यों चलाई गई। परिजनों ने पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर को फर्जी बताया गया है। इसी को लेकर उन्होंने सीबीआई द्वारा जांच की मांग की। भोजपुर के बिलाटी में घटनास्थल पर भरत की याद में ग्रामीणों ने गांव का नाम बदलकर ‘शहीद भरत तिवारी जवइनियां’ करने की भी मांग की जा रही है।