भोजपुर/बिहार
भोजपुर जिले के बिलौटी गांव का नाम बदलकर अब “भरत नगर” रखा गया है। भरत तिवारी की याद में यह फैसला ग्रामीणों ने लिया है। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की याद में ग्रामीणों ने गांव के मुख्य प्रवेश मार्ग पर 'भरत नगर' का बोर्ड लगाया। बोर्ड पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि आपका बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। शहीद भरत भूषण तिवारी। शहादत दिवस 17 जून 2026, इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देकर स्मारक निर्माण शुरू किया। इस दौरान महापंचायत में कई राज्यों के समर्थक भी शामिल रहे। इस दौरान सभी की आंखें भावुक दिखीं।

घटनास्थल पर स्मारक निर्माण शुरू
भरत तिवारी की याद को स्थायी बनाने के लिए उस स्थान पर स्मारक निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, जहां उनकी मौत हुई थी। आयोजकों के अनुसार, सफेद मार्बल से बनने वाले इस स्मारक का शिलान्यास किया जा चुका है। जल्द ही इसे पूरा करने की तैयारी है। वहीं, ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उनका आरोप है कि यदि उनकी शिकायतों पर समय रहते ध्यान दिया जाता तो यह घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीण संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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मामले में न्यायिक प्रक्रिया जारी
इस बीच, भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखने को मिली। आयोजन समिति के मुताबिक बिहार के अलावा कई अन्य राज्यों से भी लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी महापंचायत में पहुंचे। हालांकि, गांव का नाम बदलने, स्मारक निर्माण और महापंचायत में जुटी भीड़ से जुड़े दावे आयोजन समिति और ग्रामीणों के हैं। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है। एनकाउंटर को लेकर प्रशासनिक एवं न्यायिक प्रक्रिया भी चल रही है।