भोजपुर/बिहार
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में नामजद आरोपी डीएसपी राजेश कुमार शर्मा को एफआईआर दर्ज होने और मुख्यालय अटैच किए जाने के महज सात दिन बाद अब नई पोस्टिंग मिल गई है। सम्राट सरकार ने उन्हें मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में डीएसपी के पद पर तैनात किया है। इसके साथ ही बुधवार, 1 जुलाई को 12 आईपीएस और 53 डीएसपी अधिकारियों की भी तबादला किया गया है। राजेश कुमार शर्मा पर भरत तिवारी को एनकाउंटर करने का आरोप है।

क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरत ने पुलिस के सामने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस द्वारा उस पर गोलियां चलाई गई और अस्पताल में इलाज के दौरान भरत की मौत हो गई। इस मामले में बीते दिनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आईं जिसमें ये खुलासा हुआ कि भरत को कुल पांच गोलियां लगी थीं। हालांकि रिपोर्ट सामने आने से पहले तक पुलिस का कहना था कि केवल दो गोली ही लगी है। घटना के बाद तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर थानेदार राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में राजेश मालाकार को निलंबित कर दिया गया था, जबकि राजेश कुमार शर्मा को पद से हटाकर मुख्यालय अटैच किया गया था।

राज्य में बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला
इसी क्रम में गृह विभाग ने राज्य में बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। सम्राट सरकार ने 12 आईपीएस और 53 डीएसपी अधिकारियों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। 1991 बैच की आईपीएस प्रीति वर्मा को गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं का महानिदेशक बनाया गया है। पंकज कुमार दराद को बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम का एमडी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा एटीएस, ट्रैफिक, कानून-व्यवस्था, रेलवे, एससीआरबी और बीएमपी सहित कई महत्वपूर्ण इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।