प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, एमडीआई बिल्डिंग समेत अन्य सचिवालयों में सन्नाटा पसरा है। विभागों में न तो काम को लेकरअधिकारियों कर्मचारियों में कोई जोश या जज्बा दिख रहा है और ना ही कोई जिम्मेदारी का भाव या भय। टेकेन फॉर ग्रांटेड के तौर पर सचिवालयों में अधिकारी
नये सचिवाल अनुदेश को लेकर झारखंड सचिवालय सेवा संघ में भारी असंतोष है। संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने विस्तार से अपनी मांगों को रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री से सचिवालय अनुदेश में किए जा रहे परिवर्तन पर विरोध दर्ज कराने का भी निर्णय लिया है।
झारखंड सचिवालय सहायक सेवा व निजी सहायक संवर्ग के प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी से राज्य सरकार 19.75 लाख रुपए की वसूली करेगी। इसके अलावा उनके वेतनमान में कटौती की जाएगी। सरकार के फैसले के बाद वित्त विभाग अत्यधिक भुगतान हुई राशि की कटौती का प्रस्ताव तैयार कर