ठाकोर ने रायटर को बताया कि हादसे के समय उन्हें तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसे उन्होंने शुरू में गैस सिलेंडर फटने का भ्रम समझा। लेकिन जल्दी ही उन्हें अहसास हुआ कि जिस इमारत से वे कुछ ही मिनट पहले निकले थे
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, कैप्टन सभरवाल के पास 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव था। हालांकि, एक वरिष्ठ सहकर्मी का कहना है कि उनका असली अनुभव इससे कहीं अधिक था।
बताया जा रहा है कि यह DVR उस मलबे के बीच से मिला है, जहां गुरुवार को लंदन जा रही एयर इंडिया की उड़ान AI-171, टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद बेकाबू होकर एक रिहायशी इलाके में जा गिरी थी।
12 नवंबर 1996 की शाम थी। हरियाणा के चरखी दादरी में आसमान में एक ऐसा मंजर दिखा, जिसने देश ही नहीं, पूरी दुनिया को हिला दिया।