जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। जेएमएम नेता ने कहा, 33% महिला आरक्षण पहले से पारित है, प्रधानमंत्री झूठ फैला रहे हैं। सुप्रियो ने कहा, हम जिस देश में रहते हैं वो देश आस्थाओं, मान्यताओं, परंपर
झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने आज प्रेस वार्ता कर केंद्र सरकार पर हमले किये। उन्होंने कहा कि संविधान में संशोधन किया जा रहा है। एक साजिश के तहत परिसीमन का प्रस्ताव लाया गया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) धनबाद जिला समिति की एक अति आवश्यक बैठक झामुमो जिला कार्यालय, कुर्मीडीह, में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष लक्खी सोरेन ने की तथा संचालन जिला सचिव मन्नू आलम द्वारा किया गया। बैठक में रामनवमी पर्व के दौरान बलियापुर
पूर्व मंत्री और जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके दुलाल भुइयां 15 फरवरी, शिवरात्रि के दिन भारतीय जनता पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। उन्होंने ‘द फॉलोअप’ से बातचीत में इसकी पुष्टि की।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इस बार के बिहार विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। यह निर्णय दो दिन पहले यानि 18 अक्टूबर को अकेले छह सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा करने के बाद लिया गया है।
आरोप के अनुसार दशरथ गगराई वास्तव में रामकृष्ण गगराई हैं
केंद्रीय महाधिवेशन के बाद झामुमो में शामिल होनेवाले कई नेताओं को बनाया गया केंद्रीय समिति का सदस्य
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सरना आदिवासी धर्म कोड को जनगणना कॉलम में शामिल कराने की मांग को लेकर 09 मई को प्रस्तावित राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है।
15 अप्रैल को झामुमो के केंद्रीय महाधिवेशन में घोषित केंद्रीय समिति के सदस्यों की सूची आज जारी कर दी गयी। सूची में जाने कि किस जिले से किसे केंद्रीय समिति का सदस्य बनाया गया है। झामुमो ने इस बार झारखंड के अलावा बिहार, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश स
झामुमो ने पलामू और बोकारो जिला कमेटियों का गठन कर दिया है।
चक्रधरपुर से झामुमो विधायक सुखराम उरांव को पहली बार बुधवार को विधानसभा में जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में शामिल होने का मौका मिला। सुखराम उरांव ने जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर कुछ विशेष कहने की बजाय बहुत कुछ कह गए।
चक्रधरपुर से झामुमो विधायक सुखराम उरांव को पहली बार बुधवार को विधानसभा में जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा में शामिल होने का मौका मिला। सुखराम उरांव ने जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर कुछ विशेष कहने की बजाय बहुत कुछ कह गए।