रांची
पूर्व मंत्री और जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके दुलाल भुइयां 15 फरवरी, शिवरात्रि के दिन भारतीय जनता पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। उन्होंने ‘द फॉलोअप’ से बातचीत में इसकी पुष्टि की।
भुइयां ने कहा कि वे करीब 30 वर्षों तक झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े रहे और एक कार्यकर्ता के रूप में लंबा सफर तय किया। उनका आरोप है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अस्वस्थ होने के बाद पार्टी की दिशा बदल गई और संगठन को “हाइजैक” कर लिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को केंद्रीय पदों पर बैठाया गया, जिन्हें न झारखंड की समझ है और न ही पार्टी की बुनियादी विचारधारा की जानकारी। उनके मुताबिक इससे स्पष्ट है कि मोर्चा किस दिशा में जा रहा है।
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दुलाल भुइयां का राजनीतिक सफर कई दलों से जुड़ा रहा है। वर्ष 1995 में वे जुगसलाई सुरक्षित सीट से पहली बार विधायक चुने गए। वर्ष 2000 में उन्होंने झामुमो के टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की। 2005 में लगातार तीसरी बार जुगसलाई से जीतकर उन्होंने हैट्रिक बनाई।
हालांकि 2009 के विधानसभा चुनाव में झामुमो प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे भुइयां को आजसू के रामचंद्र सहिस से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के बाद सिदगोड़ा टाउन हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में झामुमो नेताओं से उनका विवाद हुआ और उन्होंने पार्टी छोड़ दी। इसके बाद वे झाविमो में शामिल हुए।

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले वे समरेश सिंह के नेतृत्व में भाजपा में गए, लेकिन जुगसलाई सीट गठबंधन के तहत आजसू के खाते में चली गई। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़ी और कांग्रेस में शामिल हो गए। 2014 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, मगर जीत नहीं मिल सकी।
करीब छह वर्ष पहले उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ली। पार्टी ने उन्हें पलामू लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी पत्नी अंजना भुइयां पलामू से उम्मीदवार बनीं, लेकिन उन्हें लगभग 10 हजार वोट ही मिले।
दुलाल भुइयां वर्ष 2005 से 2009 तक झारखंड सरकार में भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री रहे। लगातार तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके भुइयां अब एक बार फिर भाजपा के साथ नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। 15 फरवरी, शिवरात्रि के दिन उनके भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम तय है।
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