किसी भी शहर का आईना उसका मेन रोड होता है लेकिन हजारीबाग का मेन रोड आज विकास की चमक नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का चेहरा दिखा रहा है। सुबह के वक्त जब शहर नींद से जाग रहा होता है, तब यहां की महिलाएं अपने घरों से एक-दो किलोमीटर दूर बर्तन और डब्बे लेकर पान