दूसरे शब्दों में असम के उन मरीज़ों और उनके साथ आए लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर हो सकती है, जिन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई जैसे बड़े शहर में रुकना पड़ता है।