जमशेदपुर:
Jamsedpur News: जमशेदपुर के 14 वर्षीय अधिराज मित्रा (Adhiraj Mitra) ने शतरंज की बिसात पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर से जुटे 201 खिलाड़ियों के बीच झारखंड का नाम रोशन किया। जम्मू में आयोजित 36वीं नेशनल अंडर-17 (National Under-17) ओपन चेस चैंपियनशिप-2026 (Chess Championship-2026) में लोयोला स्कूल (Loyla School) की आठवीं कक्षा के छात्र अधिराज ने स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय अंडर-17 ओपन चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। खास बात यह रही कि वह 11 राउंड के पूरे मुकाबले में अजेय रहे और नौ अंक हासिल कर खिताब पर कब्जा जमाया।
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उम्र में बड़े खिलाड़ियों को दी चुनौती
अधिराज के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि अंडर-17 वर्ग में उन्हें अपने से उम्र में बड़े और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला करना पड़ा। टूर्नामेंट के हर दौर में बेहतर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि अपनी निरंतरता भी बनाए रखी। 11 राउंड के बाद उनका अजेय रहना राष्ट्रीय स्तर के दबाव में उनके संतुलित खेल को दर्शाता है।
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एक साल में राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
अधिराज की यह जीत अचानक मिली सफलता नहीं है। वर्ष 2025 में मलेशिया में आयोजित राष्ट्रमंडल युवा शतरंज चैंपियनशिप में भी वह स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब राष्ट्रीय अंडर-17 खिताब ने उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। महज 14 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतकर उन्होंने झारखंड की उभरती शतरंज प्रतिभाओं में अपनी पहचान मजबूत की है।
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झारखंड में शतरंज की प्रतिभा को मिली नई पहचान
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर से निकलकर अधिराज का राष्ट्रीय अंडर-17 चैंपियन बनना झारखंड में शतरंज की बढ़ती पहचान को भी दर्शाता है। क्रिकेट और हॉकी जैसे खेलों के लिए पहचाने जाने वाले इस राज्य के खिलाड़ी अब शतरंज में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
स्कूल, परिवार और खेल जगत में खुशी का माहौल
अधिराज की इस उपलब्धि से उनके स्कूल, परिवार और खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं दी हैं।
कम उम्र में बनाई अलग पहचान
अधिराज की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि 14 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना ली है। जहां इस उम्र में अधिकतर खिलाड़ी अपनी पहचान बनाने की शुरुआत करते हैं, वहीं अधिराज लगातार बड़े टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर खिताब जीत रहे हैं। राष्ट्रीय अंडर-17 चैंपियन का यह खिताब उनके करियर में आगे की बड़ी उपलब्धियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।