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Sawan 2021: शिवभक्तों को टैंकर से की जाएगी 'गंगा जल' की आपूर्ति! इस सावन ऐसे होगा भोलेनाथ का जलाभिषेक

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द फॉलोअप टीम, दिल्ली: 

अगले कुछ दिनों में सावन का महीना शुरू होने वाला है। ये महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। देशभर के अलग-अलग शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए जुटती है। आमतौर पर तो ऐसा ही होता लेकिन बीते 2 सालों से कोरोना महामारी की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है। अलग-अलग राज्यों में धार्मिक संस्थाएं, संगठन और राजनीतिक दल धार्मिक स्थानों को खोलने की मांग कर रहे हैं। यही नहीं, धार्मिक स्थलों के पास रहने वाले व्यवसायियों की भी मांग है कि धार्मिक स्थान खोल दिए जाएं। इस बात को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। 



धार्मिक स्थानों को खोलने की मंजूरी नहीं
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा कि फिलहाल धार्मिक स्थलों को खोलने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर ये भी कहा कि राज्य सरकारों को भी कोरोना महामारी के मद्देनजर हरिद्वार अथवा किसी भी अन्य स्थान से गंगा जल ले जाकर जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों को आवाजाही की इजाजत नहीं देनी चाहिए। केंद्र ने कहा कि, हालांकि राज्य सरकार लोगों की धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखते हुए तय स्थान पर टैंकरों के माध्यम से गंगाजल उपलब्ध करवा सकती है। केंद्र ने कहा कि टैंकर के माध्यम से गंगा जल आपूर्ति की व्यवस्था करनी चहिए।
 


टैंकर्स के माध्यम से गंगा जल उपलब्ध करवायें
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में कहा कि धार्मिक स्थलों के पास स्थान चिह्नित करके टैंकर के माध्यम से गंगा जल उपलब्ध करवाना चाहिए ताकि लोग वहां से गंगा जल लेकर अपने नजदीकी मंदिरों में जाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकें। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में ये भी कहा कि राज्य सरकार ये सुनिश्चित करे कि शिव मंदिरों में भक्त जलाभिषेक और अनुष्ठान के दरम्यान सामाजिक दूरी का पालन करें। मास्क अनिवार्य रूप से पहनें और कोरोना गाइडलाइन का पालन करें।
 


बाबा बैद्यनाथ धाम को खोलने की मांग उठी
गौरतलब है कि झारखंड में देवघर जिला स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी सावन महीने में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। पंडा प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर सावन महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर को खोलने की मांग की है। व्यवसायियों का भी कहना है कि मंदिर खोलने की मंजूरी दी जाये ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हो। मुख्यमंत्री ने फिलहाल यही कहा कि हालात को देखकर ही कोई फैसला लिया जायेगा।