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हेमंत सरकार को चुनकर पछता रही है जनता, 2 साल में जनहित का एक भी काम नहीं हुआ: सीपी सिंह

हेमंत सरकार को चुनकर पछता रही है जनता, 2 साल में जनहित का एक भी काम नहीं हुआ: सीपी सिंह

द फॉलोअप टीम, रांची: 

रांची से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने बुधवार को प्रदेश बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। सीपी सिंह ने कहा कि 29 दिसंबर को हेमंत सरकार के कार्यकाल के 2 साल पूरे होने के मौके पर मोरहाबादी मैदान में बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगाकर खाली कुस्रियों के बीच नाकामी का जश्न मनाया गया। सीपी सिंह ने कहा कि नाकामी इस लिहाज से कि मौजूदा हेमंत सरकार के 2 साल के कार्यकाल में जनहित से जुड़ा एक भी काम नहीं किया गया है। 

नगर विकास पर नहीं है हेमंत सरकार का ध्यान! 
सीपी सिंह ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य का मतलब यही होता है कि जनता के द्वारा चुनी गई सरकार जनता के हित में काम करे। उन्होंने कहा कि 2015-2016 से पहले राज्य में नगर विकास विभाग का बजट 900 करोड़ रुपये का था। उन्होंने कहा कि मैंने इसे 2700 करोड़ रुपया तक किया। सीपी सिंह ने कहा कि 2011 की जनगणना के हिसाब से 24 फीसदी आबादी शहरों में निवास करती है। यहां भी सड़क, बिजली, पानी, आवास और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि बतौर मंत्री मैंने महसूस किया कि बुनियादी ढांचे की जरूरत है। पक्का मकान बनाना था। शौचालय बनवाना था। 

सत्ता में आने के बाद से खाली खजाना का रोना!
सीपी सिंह ने मौजूदा हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2019 में जब से हेमंत सरकार सत्ता में आई है तभी से खजाना खाली होने का रोना रो रही है। संयोग से इस दौरान कोरोना महामारी आ गई। सरकार ने कोरोना महामारी का भी बहाना बना लिया है। विधायक ने कहा कि इसी दौरान पीएम मोदी ने यूपी में कई विकास परियोजनाओं का उद्गाटन किया। हाल ही में एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। कानपुर में मेट्रो का उद्घाटन किया। सीपी सिंह ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान मैंने चयनित शहरों में पार्कों का निर्माण करवाया। अभी हरमू में जलमीनार बन रहा है। पाइपलाइन के जरिये घरों में पानी पहुंचाना है। मुफ्त पानी देना है। ये योजना भी हमारी सरकार ने तय किया था। हमारे कार्यकाल में काम शुरू किया गया। 

पिछली सरकार के कामों का फीता काटा जा रहा! 
विधायक सीपी सिंह ने कहा कि मौजूदा हेमंत सरकार पिछली सरकार के कामों की घोषणा कर रही है। हमारे कार्यकाल में 6 एयरपोर्ट बने। देवघर एयरपोर्ट बनकर तैयार है। हमने वातानुकूलित बसों का परिचालन शुरू करवाया। हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वेजिटेबल मार्केट का उद्घाटन किया। ये मार्केट भी हमारी सरकार के कार्यकाल में बनना शुरू हुआ था। झारखंड के विभिन्न शहरों में तालाबों और पार्कों का सौंदर्यीकरण किया गया। मौजूदा सरकार, सड़क बनवाना तो दूर, सड़कों में उभर आये गड्ढों तक को नहीं भरवा पा रही है। सीपी सिंह ने कहा कि जनहित का कोई काम नहीं किया जा रहा है। 

भाषा पर तुष्टिकरण कर रही है हेमंत सरकार! 
रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि अब नई सरकार का काम देखकर ऐसा लगता है कि जनता अफसोस में है। बीते चुनाव में जनता को लगा था कि बदलाव करके कुछ महत्वपूर्ण सुधार हो जायेगा लेकिन नई सरकार का काम देखकर उनको लगता होगा कि गलती कर दी। जनता को लगता होगा कि बीजेपी सरकार को ही वापस लाना चाहिए था। हालांकि अफसोस करने से नहीं होगा बल्कि सरकार को बाध्य करना होगा कि वो जनहित में कार्य करे। सीपी सिंह ने कहा कि मौजूदा सरकार भाषा को लेकर भी तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। मगही और भोजपुरी को हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि नई नियुक्ति नियमावली में मैथिली को भी शामिल किया जाना चाहिए। सरकार ने सभी जिलों में उर्दू को रखा है लेकिन हिंदा को हटा दिया। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। सीपी सिंह ने कहा कि ये तो तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है। ईश्वर सरकार को सद्बुद्धि दे। 

पेट्रोल-डीजल की कीमत पर घोषणा एक छलावा है! 
प्रेस वार्ता में सीपी सिंह ने कहा कि कांटाटोली फ्लाइओवर का काम हमने शुरू करवाया था लेकिन किन्हीं वजहों से पूरा नहीं किया जा सका। इस सरकार की जिम्मेदारी है कि उसे आगे बढ़ाए। सीपी सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा ही होता है। नई सरकार पिछली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को ईमानदारी से आगे बढ़ाती है। रचनात्मक योजनाएं बनाती हैं। सुधार लाती हैं, लेकिन मौजूदा सरकार बीती योजनाओं पर केवल फीता ही काट रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल की कीमत में छूट की घोषणा भी महज छलावा है। क्या मध्यमवर्गीय परिवारों को पेट्रोल-डीजल महंगा होने से फर्क नहीं पड़ता। 

सीपी सिंह ने नक्सली हमले की कड़ी निंदा की
चाईबासा में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सली हमले को लेकर सीपी सिंह ने कहा कि, इस हमले की जितनी निंदा की जाये कम है। गनीमत रही कि पूर्व विधायक की जान बच गई लेकिन 2 बहादुर जवानों को शहादत देनी पड़ी। सीपी सिंह ने कहा कि हमारी सरकार की उपलब्धि थी कि उग्रवादी,माओवादी और नक्सलवादी हिंसा छोड़ बिलों में छिप गये थे। मौजूदा सरकार में कानून व्यवस्था इतनी ढीली है कि उन्होंने दोबारा सिर उठाना शुरू कर दिया है। लिंचिंग कानून पर सीपी सिंह ने कहा कि, 1984 के सिख दंगों से बड़ी लिचिंग देश में कभी हुई है क्या। उन्होंने कहा कि लिंचिंग शब्द समुदाय विशेष को खुश करने के लिए डिजाइनदार लोगों द्वारा गढ़ा गया शब्द है। उन्होंने कहा कि हत्या कहीं से भी जायज नहीं है।