द फॉलोअप डेस्क
पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। इस मामले में रांची की PMLA विशेष अदालत और झारखंड हाईकोर्ट पहले ही आलमगीर आलम की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर चुके थे। इसके बाद उन्होंने खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी।

ED की चार्जशीट में कमीशन वसूली का आरोप
दरअसल, ED ने अदालत में दाखिल चार्जशीट में पूर्व मंत्री के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके समर्थन में सबूत भी पेश किए हैं। ED की चार्जशीट के अनुसार, आलमगीर आलम के ग्रामीण विकास मंत्री रहने के दौरान विभाग की ओर से जारी किए जाने वाले निर्माण कार्यों के टेंडर में एक तय व्यवस्था के तहत ठेकेदारों से कमीशन की वसूली की जाती थी। चार्जशीट में दावा किया गया है कि इस पूरे रैकेट और कमीशनखोरी के जरिए कुल 37.55 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई थी।
