द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह सदर प्रखंड की बरहमोरिया पंचायत में जिला प्रशासन की ओर से आयोजित रात्रि चौपाल ग्रामीणों के लिए जागरूकता और संवाद का प्रभावी मंच बनकर उभरी। समाज कल्याण शाखा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश था, हम सबका एक ही नारा, नशा मुक्त जीवन हो हमारा। चौपाल में उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, नगर आयुक्त, एसडीएम, एसडीओ समेत कई अधिकारी ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते नजर आए। अधिकारियों के इस सहज व्यवहार की ग्रामीणों ने सराहना की। कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया मुत्रा लाल साव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही।

महिलाओं ने उठाया नशा और अवैध शराब का मुद्दा
रात्रि चौपाल के दौरान महिलाओं ने पंचायत क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी और अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी समस्याओं को खुलकर प्रशासन के सामने रखा। महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने उनके साहस की प्रशंसा की और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बच्चों को भी नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने का संकल्प दिलाया।
उपायुक्त ने साझा किया मोबाइल नंबर
.jpeg)
ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद के दौरान उपायुक्त ने अपना निजी मोबाइल नंबर साझा करते हुए कहा कि अवैध शराब और नशे के कारोबार की सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक को बरहमोरिया और आसपास के इलाकों में अवैध शराब के ठिकानों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन के इस रुख से ग्रामीणों में विश्वास का माहौल देखने को मिला।

प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ा भरोसा
रात्रि चौपाल में महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिसने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच खुले संवाद ने कई स्थानीय समस्याओं को सामने लाने का अवसर दिया। नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में आयोजित यह पहल प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने वाली साबित हुई। चौपाल से न केवल जागरूकता का संदेश गया, बल्कि ग्रामीणों को यह भरोसा भी मिला कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन उनके साथ खड़ा है।