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आखिर वो दिन सुनहरा आ गया, कल होने जा रही है ममता बनर्जी की शादी! जानिये कौन-कौन होंगे शामिल

आखिर वो दिन सुनहरा आ गया, कल होने जा रही है ममता बनर्जी की शादी! जानिये कौन-कौन होंगे शामिल
द फॉलोअप टीम, चेन्नई:
आखिर वो दिन सुनहरा आ गया!  ममता बनर्जी की शादी होने जा रही है! कोई शादी नहीं बल्कि सियासी भूचाल होने वाला है। नाम सुनकर ऐसा ही लगता है। दरअसल कल यानी 13 जून को को होने जा रही शादी है ही ऐसी। चौंकिए मत यह खबर बिलकुल सच है। लेकिन खबर बंगाल नहीं, तमिलनाडु की है। यह शादी अनोखी है। शादियां तो हर रोज किसी ना किसी की होती ही रहती है लेकिन यह शादी इसलिए खास है क्योंकि जब यह खबर सामने आयी तो लोग इस बात से हैरान हुए कि दुल्हन का नाम ममता बनर्जी और दूल्हे का सामजवाद है। यह दोनों सब राजनीती से जुड़े हुए है इसलिए भी लोग इसपर खासा ध्यान दिए है। 

कई बड़े लोग होंगे शामिल 
बता दें कि इस शादी में सीपीआई तमिलनाडु के राज्य सचिव आर. मुथारासन और उप सचिव के. सुब्बारायन भी इस शादी में शामिल होने वाले हैं। सोशल मीडिया पर इस शादी की काफी चर्चा है। यह शादी अभी जमकर वायरल हो रही है। दरअसल  बंगाल की मुख्यमंत्री का नाम भी ममता बनर्जी ही है। इसलिए लोग इस शादी पर चर्चा कर रहे है। लेकिन यह  महज संयोग है जो इस दुल्हन का नाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलता है। आपको बता दें कि सेलम के कट्टूर में अमानी कोंडलमपट्टी क्षेत्र में ममता बनर्जी के साथ समाजवाद की शादी होने वाली है। दूल्हा समाजवाद खुशी जताते कहते हैं कि मेरी पत्नी का नाम भी बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नाम पर है।



बाकियों के नाम भी ऐसे ही है 
दुल्हे के पिता केए मोहन सीपीआई के एक नेता हैं जबकि दुल्हन एक कांग्रेसी परिवार से है और के. पलानीस्वामी और पी.नीलमबल की बेटी हैं। दुल्हे के कुनबे के नाम भी विशेष हैं। दुल्‍हे समाजवाद के भाइयों का नाम लेनिनवाद और साम्यवाद हैं। वहीँ एक पोते का नाम  मार्क्सवाद है। समाजवाद और लेनिनवाद पेशे से गहनों के व्यापारी हैं। साम्यवाद नाम के वकील हैं। 

क्यों रखा ऐसा नाम 
केए मोहन वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव पीपुल्स वेलफेयर एलायंस के उम्मीदवार के रूप में लड़ चुके हैं। उनका कहना है कि 1991 में जब सोवियत संघ टूट गया और खबरें प्रकाशित हुईं कि साम्यवाद खत्म हो गया  तो उसी समय मैंने अपनी शादी से पहले ही मैंने सोच लिया था कि मैं अपने बच्चों का नाम ऐसे रखूंगा, जो इस विचारधारा बताती हो। इसलिए मैंने अपने बच्चों का नाम साम्यवाद, समाजवाद और लेनिनवाद रखा और मार्क्‍सवाद मेरा पोता है।