द फॉलोअप टीम, रांची:
केंद्र सरकार ने कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को 4-4 लाख मुआवजा देने से इनकार कर दिया है। इसके बाद से कांग्रेस के नेता लगातार बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। झारखंड में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ. राजेश गुप्ता छोटू ने केंद्र के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण कहा है। प्रवक्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों और लापरवाह रवैये के कारण पूरे देश में कोरोना संक्रमण का फैलाव हो गया। इलाज की समुचित व्यवस्था करने की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमाम केंद्रीय मंत्री कोरोना पर विजयी पा लेने के उत्सव में मस्त रहे। जिसके कारण इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं हो पायी और देशभर में लाखों लोगों की जान चली गयी।
सरकार की क्रूरता
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि जीवन की कीमत लगाना असंभव है। सरकारी मुआवजा सिर्फ एक छोटी सी सहायता होती है, लेकिन केंद्र सरकार ये भी करने को तैयार नहीं है। कोविड महामारी में पहले इलाज की कमी और फिर झूठे आंकड़े और ऊपर से सरकार की क्रूरता,यही मोदी सरकार की सच्चाई है।
केंद्र के पास पैसे नहीं है
वहीँ लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर कहा कि केंद्र के पास कोरोना महामारी से मरने वालों व्यक्तियों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का पैसा नहीं है। पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए पैसा नहीं है, लेकिन कोरोना के दौरान सेंट्रल विस्टा और प्रधानमंत्री के लिए एक भव्य महल बनवाने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये है। वहीं पेट्रोल और डीजल की लूट से साल 2020-21 में इकट्ठा किये गये 3 लाख 89 हजार 662 करोड़ रुपये कहाँ गया, यह भी देश की जनता को जानने का हक है।
केंद्र ने नहीं की सहायता
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में एक ओर केंद्र सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिल रही है। वहीं राज्य सरकार अपने संसाधनों के माध्यम से कोरोना पीड़ित परिवारों की आर्थिक-सामाजिक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में जुटी है।