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ओलंपिक्स में शामिल होगा क्रिकेट! ICC ने इस दिशा में की है महत्वपूर्ण पहल

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द फॉलोअप टीम, डेस्क: 

टोक्यो ओलंपिक्स 2020 का समापन हो गया है। भारत ने इस ओलपिक्स में 1 गोल्ड, 2 रजत और 4 कांस्य पदक के साथ कुल सात पदक जीते। ये भारत का ओलंपिक्स में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अक्सर भारतीय खेल-प्रेमियों के मन में ये सवाल उठता रहा है कि ओलंपिक्स मे क्रिकेट को क्यों शामिल नहीं किया जाता। हालांकि इसकी कोशिश जारी है। 

आईसीसी ने इस दिशा में की है अहम पहल
जिन खेल प्रेमियों के मन में ये सवाल उठता है कि ओलंपिक्स में क्रिकेट को क्यों शामिल नहीं किया जाता, उनके लिए अच्छी खबर है। मिली जानकारी के मुताबिक आईसीसी यानी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने इस दिशा में पहल की है। आईसीसी ने कहा है कि वो ओलंपिक खेलों में क्रिकेट को शामिल कराने पर जोर देगा। केल की बोली लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। प्राथमिक लक्ष्य ये है कि लॉस एंजलिस में 2028 में होने वाले ओलंपिक्स में क्रिकेट को भी शामिल कराया जाये। 

अब तक ओलंपिक्स में क्यों नहीं था क्रिकेट
गौरतलब है कि क्रिकेट को ओलंपिक्स में शामिल नहीं कराए जाने के कई सारे कारण हैं। पहली बात तो ये है कि दुनिया में 92 फीसदी क्रिकेट के प्रशंसक उपमहाद्वीप के 4 देशों, भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश में मिलते हैं। यूरोपिय देशों में इंग्लैंड के अलावा और किसी भी देश में क्रिकेट उतना लोकप्रिय नहीं है। हाल के वर्षों में आयरलैंड सामने आया है। अफ्रीका महाद्वीप से केवल दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज है। यूरोपिय देशों में क्रिकेट लोकप्रिय नहीं है इसलिए वहां क्रिकेट के लिए आधारभूत ढांचा नहीं है। आधारभूत ढांचा के निर्माण में काफी धनराशि खर्च होगी और सवाल यही है कि ये राशि खर्च कौन करेगा। सरकारों क्या क्रिकेट बोर्ड्स को सहायता करेंगी। 

इस वर्ष ओलंपिक्स में क्रिकेट भी शामिल था
गौरतलब है कि साल 1886 में क्रिकेट को शामिल किया गया था लेकिन उसमें 2 ही टीमों ने हिस्सा लिया था। दोनों ही अंतर्राष्ट्रीय नहीं बल्कि क्लब क्रिकेट की टीम थी। वहीं दूसरी बार साल 1900 में क्रिकेट को शामिल किया गया लेकिन तब सभी टीमों ने नाम वापस ले लिया। 1998 में जरूर क्रिकेट को राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया गया था। उसमें दक्षिण अफ्रीकी टीम ने गोल्ड मेडल जीता था। इसमें भारतीय क्रिकेट टीम क्वार्टर फाइनल में हार गई थी।

 

टी ट्वेंटी फॉर्मेट आने से आसान हो गया है रास्ता
क्रिकेट को अब तक ओलंपिक्स में शामिल ना करने की वजह इसका फॉर्मेट भी रहा है। आप सभी जानते हैं कि क्रिकेट में पहले केवल टेस्ट फॉर्मेट हुआ करता था। टेस्ट क्रिकेट पांच दिन तक चलता है। ओलंपिक्स में इसे शामिल किया जाता तो उसकी अवधि काफी लंबी हो जाती। बाद में वनडे क्रिकेट आया लेकिन ये भी पूरे दिन खेला जाता है। हालांकि अब क्रिकेट टी ट्वेंटी फॉर्मेट में भी खेला जाता है जो 20-20 ओवरों का होता है। अब तो इंग्लैंड में 10 ओवरों के फॉर्मेट की भी शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में जाहिर है कि क्रिकेट को भी ओलंपिक में शामिल किया जा सकता है।

 

अब क्रिकेट में खिलाड़ियों का लंबा पुल तैयार है
क्रिकेट को अब तक शामिल नहीं किए जाने की एक औऱ वजह अंतर्राष्ट्रीय शेड्यूल भी होता है। आईसीसी अगले कई वर्षों तक का शेड्यूल तय करती है। इसमे कई द्विपक्षीय सीरीज होती है। विश्व कप होता है। चैंपियंस ट्रॉफी होती है। इसके अलावा अलग-अलग देशों में क्रिकेट लीग की शुरुआत हो चुकी है जो कम से कम 2 महीने चलता है। ऐसे में ये शेड्यूल ओलंपिक्स के साथ टकरा सकता है। हालांकि इस समस्या का समाधान भी हो सकता है। अब तमाम क्रिकेट खेलने वाले देशों के पास खिलाडियों का लंबा पूल है। वे एक ही समय में 3 टीमें बना सकते हैं वो भी योग्य खिलाड़ियों की। कई देशों ने तो टेस्ट, वनडे और टी ट्वेंटी फॉर्मेट के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। अभी हाल ही में बीसीसीआई ने शिखर धवन की कप्तानी वाली एक अलग टीम श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी ट्वेंटी की श्रृंखला खेलने भेजी थी। 

सचिन तेंदुलकर का इस पर क्या कहना है
गौरतलब है कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में क्रिकेट को शामिल किए जाने के पक्षधर हैं। उनका मानना है कि इससे बाकी देशों में भी क्रिकेट के प्रति रूचि बढ़ेगी औऱ खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी। बीसीसीआई ने अपनी तरफ से क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल करवाने का कोई खास प्रयास तो नहीं किया है लेकिन उसका कहना है कि यदि आईसीसी पहल करता है तो उसे कोई गुरेज नहीं होगा। अगले राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को भेजने पर भी बीसीसीआई ने सहमति जता दी है। अब आईसीसी ने भी पहल की है। उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में ओलंपिक्स में क्रिकेट भी दिखेगा।