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8 लड़कियों को 'मेरी सहेली' और 'नन्हे फरिश्ते' की टीम ने तस्करी से बचाया

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द फॉलोअप टीम, रांची:
रांची रेलवे स्टेशन से आरपीएफ की 'नन्हे फरिश्ते' और 'मेरी सहेली' टीम ने 8 लड़कियों को रेस्क्यू किया है। इन लड़कियों को शहर से बहार विभिन्न जगहों पर भेजा जा रहा था। इनको एक संदिग्ध पुरुष और महिला अपने साथ दिल्ली लेकर जा रहें थे। इस मामले में दोनों ही तस्कर यानी एक मामले में  पुरुष और दूसरी मामले में महिला लड़कियों के लिए अनजान थे। लड़कियों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली ले जाया जा रहा था। ऐसा अक्सर होता है कि लड़कियों को दिल्ली या अलग अलग शहरों में काम दिलाने के नाम पर ठगी होती है। लड़कियां शहर के बाहर निकलते ही गुम हो जाती हैं।

3 बच्ची सिमडेगा और 5 जसपुर की हैं 
रांची रेलवे स्टेशन पर जब लड़कियां दो संदिग्ध व्यक्तियों के साथ दिखीं तो मेरी सहेली और नन्हे फरिश्ते की टीम ने रोका और पूछताछ की। तब मुख्यद्वार के पास तीन बच्चियों से पूछताछ की गयी, जो अनजान पुरुष के साथ थीं। बच्चियों ने बताया कि वह इस व्यक्ति को सही तरीके से नहीं जानती हैं। वह उन्हें काम दिलाने के नाम पर दिल्ली ले जा रहे थे। तीनों बच्चियां सिमडेगा की रहने वाली हैं। दूसरी ओर रांची रेलवे स्टेशन पर ही जांच के दौरान एक अन्य महिला के साथ पांच लड़कियां स्टेशन पर बैठी थीं। उनसे भी जब पूछताछ की गयी तो पता चला कि पांच और लड़की छत्तीसगढ़ के जसपुर की रहने वाली हैं और उन्हें भी काम दिलाने के नाम पर दिल्ली ले जाया जा रहा था। 

चाइल्ड लाइन को सौंपी गयी लड़कियां 
दोनों मामले को लेकर गुमला और सिमडेगा थाना को सूचना दी गई।  लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उन्हें रेलवे चाइल्ड लाइन रांची को सौंप दिया गया। जिनके साथ यह लड़कियां दिल्ली जा रही थी, उन्हें फिलहाल पूछताछ के लिए रेलवे पुलिस कस्टडी में रखा गया है। बता दें कि इनदिनों लगातार आरपीएफ की टीम रेलवे स्टेशन पर सक्रीय है, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान तस्करी का मामला बढ़ा है। इसलिए नन्हे फरिश्ते और मेरी सहेली की टीम की मदद से संयुक्त रूप से रांची रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर जांच अभियान चलाया जा रहा है।