द फॉलोअप टीम, रांची:
मैं तबरेज की मॉब लिंचिंग के बाद 4 बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने की कोशिश कर चुकी हूं। लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी। मैं चार बार सीएम कार्यालय प्रोजेक्ट भवन और मुख्यमंत्री आवास तक पहुंची, लेकिन मुझे मुख्य द्वार से ही वापस लौटा दिया गया। इस बीच अलग-अलग स्थान में मैंने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की। उस मुलाकात में जितना हो सकता था, न्याय की गुहार लगाई। सीएम ने आश्वासन भी दिया कि मुझे न्याय मिलेगा। सीएम ने सरकारी मदद का भरोसा भी दिया था, लेकिन ना तो न्याय मिला और ना ही सरकारी सहायता।
उपरोक्त बातें द फॉलोअप से बातचीत में जून 2019 में सरायकेला खरसावां में भीड़ के हाथों मारे गये तबरेज अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने कही।शाइस्ता ने कहा कि मैं सीएम से मुलाकात करके न्याय की गुहार लगाना चाहती हूं।
मामले में संज्ञान लेकर कानून बनाये सरकार
मॉब लिंचिंग के शिकार हुए तबरेज अंसारी की पत्नी शाइस्ता परवीन ने द फॉलोअप को बताया कि 17 जून 2019 की रात उनके पति को भीड़ ने पीटा। पिटाई से उनकी मौत हो गयी। मामले में पुलिस और तबरेज का इलाज करने वाले डॉक्टर की भूमिका भी संदिग्ध है। तबरेज की मौत को एक साल बीत गया लेकिन आरोपियों को सजा नहीं मिली। सभी आरोपी बेल पर बाहर हैं। शाइस्ता ने कहा कि यदि सरकार उसी वक्त पूरे मामले का संज्ञान लेती। मॉब लिंचिंग को लेकर कड़ा कानून बनाती। तबरेज के हत्यारों को त्वरित सजा मिलती तो राज्य में मॉब लिंचिंग की दूसरी घटनायें नहीं होती।
मेहंदी का रंग नहीं उतरा और सुहाग उजड़ गया
शाइस्ता परवीन ने बताया कि उनकी शादी के महज 54 दिन बाद ही तबरेज की हत्या कर दी गयी थी। उनके हाथों से मेंहदी का रंग भी नहीं उतरा था कि भीड़ ने उनका सुहाग उजाड़ दिया। तबरेज की मौत के बाद वो बिलकुल अकेली रह गयी हैं। उनकी जिंदगी में काफी मुश्किलें हैं। उन्होंने बताया कि पति के हत्यारों को सजा दिलवाने के लिये वो अकेली ही थाना, सरकारी मुलाजिम और न्यायालय के बीच दौड़-भाग कर रही हैं। शाइस्ता ने कहा कि वो न्याय मांगते-मांगते थक चुकी हैं। वो चाहती हैं कि किसी तरह एक बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात हो जाये ताकि वो न्याय मांग सके।
शाइस्ता परवीन ने सीएम से की है ये मांग
शाइस्ता ने न्याय के लिये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित करते हुये एक पत्र भी लिखा है जिसमें कई मांगें रखी है। शाइस्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाये क्योंकि इसमें पुलिस और तबरेज का इलाज करने वाले डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध है। हत्या में शामिल सभी आरोपियों को फांसी की सजा दी जाये। जो आरोपी बेल पर रिहा हैं उनकी बेल निरस्त की जाये। केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक में हो ताकि उन्हें त्वरित न्याय मिल सके। शाइस्ता ने मुख्यमंत्री से 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी मांगी है। आजीविका के लिये शाइस्ता ने अपने लिये सरकारी नौकरी की भी मांग की है।
यूपीए की सरकार में बढ़ी है मॉब लिंचिंग!
झारखंड में जब से यूपीए गठबंधन की सरकार बनी है तब से लेकर अब तक मॉब लिंचिंग की घटनायें बढ़ी हैं। आंकड़े बताते हैं कि अब तक मॉब लिंचिंग की 14 घटनायें हो चुकी हैं। मॉब लिंचिंग की इन घटनाओं में 4 लोगों की मौत हो चुकी है। केवल मार्च 2021 में ही मॉब लिंचिंग की तीन घटना प्रदेश में हो चुकी है। इसमें रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले सचिन वर्मा और अनगड़ा थानाक्षेत्र में मुबारक खान की भीड़ के हाथों हत्या का मामला बीते कुछ दिनों में खासा सुर्खियों में रहा है। विधानसभा में भी ये मामले उठे। मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर इसकी रोकथाम के लिये कानून बनाने की मांग तेज हो गयी है। बीते कुछ दिनों में कई संगठनों ने मॉब लिंचिंग की रोकथाम के लिये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की है।